नई दिल्ली।अक्सर लोग एसिडिटी को सिर्फ पेट की समस्या मानते हैं, लेकिन कई शोध और विशेषज्ञ बताते हैं कि बार-बार होने वाली एसिडिटी शरीर में यूरिक एसिड लेवल पर भी असर डाल सकती है। गलत खानपान, कमजोर पाचन और असंतुलित मेटाबॉलिज़्म दोनों समस्याओं की जड़ माने जाते हैं।
क्या कहती हैं चिकित्सा विशेषज्ञ?
पचौली एस्थेटिक्स एंड वेलनेस के चिकित्सा निदेशक डॉ. प्रखर बताते हैं कि बहुत से लोग एसिडिटी, गैस और यूरिक एसिड को एक ही समस्या समझ लेते हैं, जबकि ये दोनों अलग मेडिकल कंडीशन्स हैं। हालांकि इनके कुछ कारण आपस में जुड़े होते हैं, इसलिए इनके लक्षण भी एक साथ दिख सकते हैं।
कब होती है एसिडिटी?
डॉ. प्रखर के अनुसार पेट में जरूरत से ज्यादा हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनने पर एसिडिटी की परेशानी शुरू होती है। इसके मुख्य कारण हैं—
अधिक तला-भुना व मसालेदार भोजन
अनियमित खानपान
देर रात खाना
लंबे समय तक भूखे रहना
तनाव
चाय, कॉफी और स्पाइसी फूड का अत्यधिक सेवन
कैसे बढ़ता है यूरिक एसिड?
यूरिक एसिड तब बढ़ता है जब शरीर में प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक हो। सामान्यत: किडनी इसे मूत्र के जरिए बाहर निकालती है, लेकिन…
जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए या
किडनी इसे निकालने में सक्षम न हो
…तो यूरिक एसिड खून में जमा होने लगता है और जोड़ों में दर्द, सूजन व गठिया (Gout) जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
क्या एसिडिटी यूरिक एसिड बढ़ाती है?
डॉ. प्रखर के अनुसार—
सीधे तौर पर नहीं, लेकिन वही गलत खान-पान जो एसिडिटी बढ़ाता है, यूरिक एसिड को भी बढ़ा सकता है।
जैसे:
रेड मीट और ऑर्गन मीट
साबुत दालें और ज्यादा फ्रक्टोज वाले खाद्य पदार्थ
एल्कोहल और शुगर ड्रिंक्स
जंक और प्रोसेस्ड फूड
ये चीज़ें गैस्ट्रिक एसिड भी बढ़ाती हैं और किडनी पर लोड डालकर यूरिक एसिड को बढ़ा सकती हैं।
कैसे बचें दोनों समस्याओं से?
डॉ. प्रखर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देते हैं—
✔ सुपाच्य और संतुलित भोजन लें
✔ पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं
✔ देर रात भारी भोजन से बचें
✔ वॉक और हल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें
✔ तनाव कम करें और नींद पूरी लें
✔ शराब और मीठे पेय से परहेज करें
एसिडिटी और यूरिक एसिड दोनों की जड़ एक जैसी जीवनशैली और खराब डायट है। इसलिए समय रहते ही खान-पान में सुधार और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। यदि लक्षण बार-बार हों, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
