टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने बताई विराट कोहली द्वारा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की वजह
नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली द्वारा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले ने जहां पूरी क्रिकेट दुनिया को चौंका दिया, वहीं उनके सबसे बड़े प्रशंसकों में शुमार रहे टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री भी इस खबर से हैरान रह गए। शास्त्री ने कहा कि उन्हें लगता था कोहली के पास अभी टेस्ट क्रिकेट में 2 से 3 साल का खेल बाकी है।
‘मानसिक रूप से थे स्पष्ट, पछतावा नहीं’
आईसीसी के शो ‘ICC Review’ में बातचीत के दौरान रवि शास्त्री ने खुलासा किया कि विराट ने संन्यास की घोषणा से एक सप्ताह पहले ही उन्हें अपने फैसले की जानकारी दी थी।
शास्त्री ने कहा, “वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्पष्ट थे। उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं था।”
क्या किसी से टकराव था वजह?
संन्यास के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई थी कि शायद कोहली का सिलेक्शन कमेटी या मौजूदा कोच गौतम गंभीर से किसी बात को लेकर टकराव हुआ है। हालांकि रवि शास्त्री ने इन अटकलों को नकारते हुए कहा कि कोहली का फैसला पूरी तरह मानसिक थकावट और बर्नआउट की वजह से था।
शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से थके
शास्त्री ने कहा,
“वह आज भी टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ियों से फिट हैं। लेकिन जब आप मेंटली थक जाते हैं, तो शरीर भी जवाब देने लगता है। विराट का जीवन हमेशा लाइमलाइट में रहा, इसका असर भी हुआ।”
बर्नआउट और जिम्मेदारियों का दबाव
शास्त्री ने आगे बताया कि कोहली ने पिछले 10 सालों में लगातार क्रिकेट खेला, कप्तानी की जिम्मेदारी निभाई और व्यक्तिगत स्तर पर भी हमेशा मीडिया की नजरों में रहे। इसका परिणाम ये हुआ कि वह बर्नआउट महसूस करने लगे थे।
विराट ने जोड़े दुनियाभर के फैंस
पूर्व कोच ने विराट को एक ग्लोबल आइकन बताते हुए कहा,
“चाहे ऑस्ट्रेलिया हो या साउथ अफ्रीका, विराट ने दुनिया भर के फैंस को भारतीय क्रिकेट से जोड़ा है। उन्होंने करोड़ों लोगों को टेस्ट क्रिकेट देखने के लिए प्रेरित किया।”
विराट का शानदार टेस्ट करियर
विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में:
123 टेस्ट मैच खेले
9,230 रन बनाए
30 शतक जमाए
औसत: 46.85
वह 68 टेस्ट मैचों में कप्तान रहे, जिनमें भारत ने 40 मुकाबले जीते, जो किसी भारतीय कप्तान के लिए अब तक की सबसे ज्यादा जीत है।
कोहली-शास्त्री: सबसे सफल कोच-कप्तान की जोड़ी
विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी को भारतीय टेस्ट क्रिकेट की सबसे सफल साझेदारी माना जाता है। दोनों ने मिलकर भारत को विदेशी जमीन पर ऐतिहासिक जीतें दिलाईं और भारतीय टीम को टेस्ट की टॉप रैंकिंग तक पहुंचाया।
अब क्या आगे?
विराट भले ही टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं, लेकिन वनडे और टी20 फॉर्मेट में वह अभी भी टीम इंडिया और RCB के लिए अहम भूमिका में बने हुए हैं। फैंस को अब उनसे सीमित ओवरों में धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
