शेखूपुर।जनता के आग्रह पर आज पूर्व मंत्री आबिद रज़ा शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नौजवानों ने हार पहनाकर और फूलों की बारिश कर पूर्व मंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर शेखूपुरवासियों ने जगह-जगह होर्डिंग और कटआउट लगाकर स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शेखूपुर की जनता के साथ राजनीतिक अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस स्तर का विकास इस क्षेत्र में होना चाहिए था, उसका 10 प्रतिशत भी नहीं हो पाया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शेखूपुर विधानसभा में आज तक एक भी सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं होना बेहद अफसोसजनक है। जब बच्चों को शिक्षा के अवसर नहीं मिलेंगे, तो उनके भविष्य की कल्पना कैसे की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि जनता को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद क्षेत्र की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। जनता का वोट कामयाब होता है, प्रतिनिधि जीतता है, फिर भी क्षेत्र मायूस रहता है—यह इस बात का संकेत है कि जिन पर भरोसा किया गया, वे उस भरोसे पर खरे नहीं उतरे।
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि मौजूदा सरकार को हटाने के लिए सेकुलर हिंदू और मुसलमानों को राजनीतिक रूप से एकजुट होना होगा। उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में किसान, गरीब और मजदूर वर्ग परेशान है।
एसआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा को 2027 में अपनी हार का अंदेशा है, इसलिए सत्ता का दुरुपयोग कर उन लोगों के वोट काटने की कोशिश की जा रही है, जो भाजपा के समर्थक नहीं हैं।
अंत में पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने देहाती कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार एक ही गलती दोहराना समझदारी नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि 2027 के चुनाव में माननीय अखिलेश यादव के नेतृत्व में अपने राजनीतिक भविष्य का निर्णय सोच-समझकर करें और पीडीए को मजबूत करें। उन्होंने जनता से दुआ की अपील करते हुए कहा कि अल्लाह उन्हें इतनी हिम्मत दे कि वे ईमानदारी से लोगों की सेवा कर सकें।
इसके बाद पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने शेखूपुर की दलित बस्ती का दौरा किया और दलित भाइयों के दुख-दर्द को सुना। उन्होंने उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस मौके पर फरजंद अली, शमीम मियां चौधरी, ख़ालिद अंसारी, सोहिल सिद्दीकी, अनवर खान, चांदमियां चौधरी, नूर मोहम्मद खां, फहीम खां, शादाब, अहमद रज़ा फ़राज़ी, अकमल आफताब, साकिब खां, नदीम खां, महफूज़, सालिम, वारिस, मुशीर, इकराम चौधरी, इंतशारुद्दीन, तौफीक, रियासत वासिल, नवेद, उवैस, मेराज, माया देवी, सुरेश, डालचंद्र सागर, गिरीश सागर, नन्हे मौर्य, राघव, छोटू, अख्तर, चुन्ने गद्दी, असरार अब्बासी, इक़लास अब्बासी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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