पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी का बड़ा बयान: “गंभीर ने बनाया ऐसा माहौल कि रोहित–कोहली को लेना पड़ा टेस्ट रिटायरमेंट का फैसला”
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने हेड कोच गौतम गंभीर पर एक बार फिर निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डंस टेस्ट में मिली हार के बाद तिवारी ने कहा कि “ट्रांजिशन” के नाम पर विराट कोहली और रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
“ट्रांजिशन की कहानी गढ़ी गई, दिग्गजों पर बनाया गया दबाव” – तिवारी
मनोज तिवारी के अनुसार, रोहित शर्मा और विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते थे, लेकिन उनके आसपास ऐसा माहौल बनाया गया कि दोनों को मई 2025 में रिटायरमेंट की घोषणा करनी पड़ी। उस समय इंग्लैंड दौरे के लिए टीम चयन होना था।
तिवारी ने कहा कि बदलाव का संदेश देना “गैर-जरूरी और मनगढ़ंत” था।
उनके मुताबिक, “भारत को बदलाव की जरूरत नहीं थी। ये न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे जैसी टीमों को चाहिए था। हमारे घरेलू क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दिग्गजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए।”
कोच गंभीर पर निशाना — “हार पर बल्लेबाजों को दोष देना गलत”
साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद गौतम गंभीर ने बल्लेबाजों की तकनीक पर सवाल उठाए थे। इस पर तिवारी ने कहा:
“हार के बाद खिलाड़ियों की तकनीक पर आरोप लगाना गलत है।”
“कोच का काम सिखाना है, दोष देना नहीं।”
“अगर बल्लेबाजों का डिफेंस कमजोर था, तो उन्हें पहले क्यों नहीं तैयार किया गया?”
“गंभीर खुद महान स्पिन खिलाड़ी थे, तो उन्हें और बेहतर तैयारी करवानी चाहिए थी।”
तिवारी ने यह भी कहा कि भारत के बल्लेबाजों को उचित तैयारी न मिल पाने के कारण टीम को टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा।
हार के बाद बढ़ा विवाद, टीम पर नए सवाल
भारत दो टेस्ट की सीरीज में 0-1 से पीछे है और गुवाहाटी में होने वाले अगले मुकाबले में हार टालने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है।
इस बीच तिवारी के बयान ने भारतीय टीम प्रबंधन और हेड कोच की रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
गंभीर की कोचिंग और टीम के माहौल पर चल रही यह बहस टीम इंडिया के लिए दबाव बढ़ा रही है।
