रामपुर रज़ा पुस्तकालय में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने दिया राष्ट्रनिर्माण का संदेश
रामपुर। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रामपुर रज़ा पुस्तकालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित जनों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
अपने संबोधन में डॉ. मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए हमें यह संकल्प लेना होगा कि भारत को विश्व में शांति, समृद्धि और सुरक्षा का मार्गदर्शक बनाएँगे। उन्होंने कहा कि भारत एक शक्ति के रूप में उभर रहा है और यह कुछ महाशक्तियों को असहज कर रहा है, किंतु भारत का यह उत्कर्ष गौरव का विषय है।
उन्होंने भारतीय सेना के साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में कश्मीर में हुए आतंकी हमले और सेना की कार्यवाही ने सिद्ध कर दिया है कि भारत अपने शौर्य से आतंक के विरुद्ध खड़ा है। डॉ. मिश्र ने स्पष्ट कहा कि भारत अपनी शक्ति का प्रयोग केवल सज्जन शक्तियों की रक्षा और दुष्ट शक्तियों के विनाश के लिए करेगा।
संस्कृति और विरासत पर जोर
डॉ. मिश्र ने भारतीय ऋषियों की वाणी — “आ नो भद्राः कृतवो यन्तु विश्वतः” और “पृथिव्यां सर्वे मानवाः” — का स्मरण कर बताया कि भारत की संस्कृति सदा समावेश और सर्वस्वीकार की रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर आधिपत्य जमाने का प्रयास नहीं किया, बल्कि विश्व को शांति और सत्य का मार्ग दिखाया है।
आह्वान
डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक का धर्म है कि वह अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र के विकास और वैश्विक शांति में योगदान दे। 21वीं सदी में जब विश्व के अनेक देश युद्ध और संघर्ष में उलझे हैं, तब भारत को अपनी विरासत और शक्ति के बल पर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना होगा।
