पहले स्कॉर्पियो हादसा, फिर स्कूटी सवार भाई-बहन नाले में गिरे

मीडिया की चेतावनी अनसुनी, मोदीनगर में प्रशासनिक लापरवाही से दोबारा हुआ गंभीर हादसा

गाजियाबाद (मोदीनगर)। कुछ दिनों पहले मोदीनगर थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो वाहन के साथ हुए हादसे ने प्रशासन को चेताया था, लेकिन उससे कोई सबक नहीं लिया गया। मीडिया ने भी दोबारा दुर्घटना की आशंका जताते हुए खबर प्रसारित की थी, इसके बावजूद शासन-प्रशासन की नजर में यह गंभीर समस्या नजर नहीं आई। नतीजा वही हुआ, जिसका डर जताया जा रहा था।

मोदीनगर थाना क्षेत्र में दो नालों के पुलों के बीच बनी खतरनाक खाली जगह एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। पुल से गुजरते समय स्कूटी सवार भाई-बहन संतुलन खो बैठे और सीधे गंदे नाले में जा गिरे। गनीमत रही कि हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को नाले से बाहर निकाल लिया। इस दुर्घटना में भाई-बहन दोनों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समय पर मदद न मिलती तो हादसा जानलेवा भी हो सकता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान इतनी बड़ी लापरवाही समझ से परे है। सवाल यह उठता है कि जब पहले स्कॉर्पियो हादसा हो चुका था, तब भी इस खतरनाक जगह को क्यों नहीं सुधारा गया। मीडिया द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

हादसे के बाद एसडीएम मोदीनगर, नगरपालिका के ईओ और जनप्रतिनिधियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल जाकर पीड़ितों से मुलाकात की। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।

जनता सवाल पूछ रही है कि रोड टैक्स, टोल टैक्स और अन्य कई तरह के टैक्स देने के बाद भी क्या सुरक्षित सड़कों की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की नहीं है? क्यों आम नागरिकों को मौत के मुहाने पर छोड़ दिया जा रहा है? सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब इस पुल की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा, या फिर प्रशासन किसी और बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। क्या किसी की जान जाने के बाद ही इस पुल का समाधान होगा?

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