कार्यस्थल पर दुर्घटना से पीड़ित श्रमिकों को वित्तीय सहायता, अपंगता पर तीन लाख तक अनुदान व मासिक पेंशन
ऐलनाबाद, सिरसा, फरवरी (एम पी भार्गव): हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पंजीकृत निर्माण कामगारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी कड़ी में कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण स्थायी रूप से अपंग होने वाले पंजीकृत श्रमिकों के लिए विशेष वित्तीय सहायता और पेंशन का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत अपंगता की प्रतिशतता के आधार पर एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है, जो एक लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक हो सकती है। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल पर दुर्घटना या संक्रामक बीमारी के कारण अपंग होने की स्थिति में तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन भी प्रदान की जाती है।
अपंगता प्रतिशत के अनुसार सहायता राशि
50 प्रतिशत अपंगता होने पर एक लाख रुपये की एकमुश्त सहायता।
51 से 75 प्रतिशत अपंगता होने पर दो लाख रुपये की सहायता।
76 प्रतिशत या उससे अधिक अपंगता होने पर तीन लाख रुपये की सहायता।
यह सहायता हरियाणा श्रम विभाग के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, जिससे प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिल सके।
योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
पेंशन प्राप्त करने के लिए पंजीकृत श्रमिक को आवेदन प्रारूप संख्या-15 प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जबकि अपंगता सहायता के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-22 जमा करना होगा। इसके साथ हरियाणा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी स्थायी अपंगता प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति संलग्न करना आवश्यक है।
संबंधित अधिकारी द्वारा जांच और अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर पात्र श्रमिक को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
सरकार की यह योजना कार्यस्थल पर दुर्घटना का शिकार हुए श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और उनके जीवन को स्थिरता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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