फरीदाबाद: साइबर थाना NIT की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए डिजिटल ठगी के मामले में 77 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फरियादी से फर्जी तरीके से केस में नाम आने की धमकी देकर मोटी रकम वसूल रहे थे।
फर्जी क्राइम ब्रांच बनाकर दी गिरफ्तारी की धमकी
फरीदाबाद के सेक्टर 21C निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। आरोपी ने दावा किया कि फरियादी के आधार कार्ड से केनरा बैंक में खाता खुलवाया गया है, जिसमें जेट एयरवेज के मालिक से धोखाधड़ी की गई रकम डाली गई है।
इसके बाद फरियादी को केस में नाम आने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने 77 लाख रुपये ठग लिए।
गिरफ्तार आरोपी मेरठ निवासी, पुलिस रिमांड पर भेजे गए
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, साइबर थाना NIT की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेरठ निवासी पांच आरोपियों – विशाल, अंकित, प्रेमपाल, दुष्यंत और प्रशांत को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि ये आरोपी ठगों को बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे, जिनका उपयोग धोखाधड़ी में किया जाता था।
आरोपियों की पृष्ठभूमि – कुछ बेरोजगार, कुछ व्यापारी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अंकित और प्रशांत स्पोर्ट्स का सामान बेचने का काम करते हैं, प्रेमपाल दवाइयों की सप्लाई करता है जबकि विशाल और दुष्यंत फिलहाल बेरोजगार हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों को 3 दिन की रिमांड पर लिया है ताकि ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और तरीकों का खुलासा किया जा सके।
साइबर क्राइम से रहें सतर्क, अनजान कॉल्स से बचें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या व्हाट्सऐप मैसेज पर विश्वास न करें और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी तरह की धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
