संतुलित और सतत डिजिटल विकास के लिए महिला नवोन्मेषकों और पेशेवरों को सशक्त बनाना आवश्यक-मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2025। भारत मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 में आयोजित विशेष सत्र “टेक में महिलाएँ: विविध विचार, परिवर्तनकारी विचार” में भारत के प्रौद्योगिकी और नवाचार क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते योगदान का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि संतुलित और सतत डिजिटल विकास के लिए महिला नवोन्मेषकों और पेशेवरों को सशक्त बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में उद्योग जगत और सरकारी हितधारकों से अपील की कि वे मार्गदर्शन, कौशल विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने वाला मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करें, जिससे महिलाएँ भारत के डिजिटल परिवर्तन में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अब रक्षा से लेकर तकनीक तक सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर है। “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — भारत को अपने सेमीकंडक्टर बनाने हैं, अपनी नेटवर्किंग प्रणालियाँ विकसित करनी हैं और विश्व में सबसे अधिक मोबाइल फ़ोन निर्माण करने वाला देश बनाना है,” श्रीमती गुप्ता ने कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की तकनीकी कहानी को आकार देने में महिलाओं की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “साहस, रचनात्मकता, नवाचार और दूरदर्शिता का कोई लिंग नहीं होता — आकाश ही सीमा है।”
आईएमसी 2025 के विभिन्न मंडपों का दौरा करते हुए श्रीमती गुप्ता ने महिला उद्यमियों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप संस्थापकों से बातचीत की। उन्होंने एआई, आईओटी, रोबोटिक्स और दूरसंचार के क्षेत्र में महिलाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की।
अपने संबोधन में उन्होंने “परिवर्तन के लिए नवाचार” (Innovation for Transformation) विषय पर आधारित इस सम्मेलन को समावेशिता, नवाचार और नागरिक-केंद्रित विकास की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
