रेड क्रॉस डे पर आपातकालीन चिकित्सा उपचार कार्यशाला का आयोजन

सीपीआर, कृत्रिम श्वास व प्राथमिक उपचार के तरीकों पर दी गई प्रशिक्षण जानकारी

टपूकड़ा (राजस्थान): विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कारौली में आपातकालीन चिकित्सा उपचार (Emergency Medical Treatment) पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला रेड क्रॉस सोसाइटी खैरथल तिजारा और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) भिवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।

आपातकालीन स्थितियों में तुरंत मदद के लिए प्रशिक्षण
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए प्रशिक्षित करना था। रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. रूप सिंह ने प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि हृदयाघात (Heart Attack) की स्थिति में सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) देना जीवन रक्षक हो सकता है।

उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बताया:

स्ट्रेचर नहीं होने पर चादर से अस्थायी स्ट्रेचर बनाकर घायलों को अस्पताल कैसे पहुंचाएं

हड्डी टूटने की स्थिति में लकड़ी की खरपच से किस तरह प्रभावित अंग को स्थिर करें

बिजली के करंट, आग से जलना या पानी में डूबने की घटनाओं में कृत्रिम श्वास कैसे दें

दुर्घटना स्थल पर सीपीआर की सही तकनीक क्या है

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एडीएम भिवाड़ी सुमित्रा मिश्रा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि युद्ध या आपदा के समय यदि नागरिकों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण होगा, तो वे घायल लोगों की त्वरित सहायता कर सकते हैं।

विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे:

  • डॉ. अजय गोयल (अध्यक्ष, आईएमए भिवाड़ी)
  • डॉ. मुदित मित्तल (सचिव, आईएमए)
  • डॉ. उदित अग्रवाल (सह-संयोजक)
  • मयंक सिंह व संदीप यादव (केकेआई संस्था से)
  • डॉ. जीतेन्द्र सिंह (पीएचसी प्रभारी) ने सभी अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया।

प्रतिभागियों को मिले प्रमाण पत्र
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यशाला में पीएचसी कारौली का समस्त स्टाफ और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

एडीएम का संदेश
मुख्य अतिथि सुमित्रा मिश्रा ने बताया कि ऐसी कार्यशालाएं समाज में जागरूकता फैलाने और नागरिकों को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा, “यदि आप प्राथमिक चिकित्सा देना जानते हैं, तो आप युद्ध, दुर्घटना या आपदा की स्थिति में अनमोल जीवन बचा सकते हैं।”

कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।

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