शिक्षा सबसे बड़े बदलाव का केंद्र, युवा असफलता से न डरें, ऊंची सोच रखकर आगे बढ़ें: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति का सिरसा में दीक्षांत समारोह में शिरकत

सिरसा (एम.पी. भार्गव): उपराष्ट्रपति   जगदीप धनखड़ ने कहा कि शिक्षा सबसे बड़े बदलाव का केंद्र है। उन्होंने युवाओं को निडर होकर असफलता से न डरने के लिए प्रेरित किया और कहा कि असफलता ही सफलता की कुंजी है। “अधिकांश लोग पहले प्रयास में सफल नहीं होते हैं, उन्हें असफल मत कहिए। असफलता का डर भ्रामक है, सोच ऊंची रखिए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें,” उन्होंने कहा।

उपराष्ट्रपति ने बुधवार को सिरसा के ओढ़ां गांव में माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान और जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ का सिरसा आगमन पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और पूर्व विधायक एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्वागत किया।

समारोह में उपराष्ट्रपति ने गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने “मां के नाम अभियान” के तहत पौधारोपण भी किया और पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की याद में बनने वाले स्मृति संग्रहालय की आधारशिला रखी।

भारत की प्रगति और युवाओं के लिए अवसर

उन्होंने कहा, “आज भारत हर क्षेत्र में छलांग लगा रहा है। आज हमारे युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। मैं उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और समाज के हित में अपने कर्तव्यों को निभाने का आह्वान करता हूं।”

युवाओं को प्रेरणा: “जय पहलवान”

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने “जय जवान, जय किसान” का नारा दिया था, और श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने “जय विज्ञान” को जोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे आगे बढ़ाते हुए “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान” का नारा दिया। उन्होंने हरियाणा के ऊर्जावान युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे भारत का डंका दुनिया में बजाते हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा, “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान के साथ ‘जय पहलवान’ भी कहें। हरियाणा की पहचान अमिट है, यह ऊर्जा और स्फूर्ति का केंद्र है। हमारे युवा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाएंगे।”

चौधरी देवीलाल के दर्शन पर प्रकाश

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का दर्शन गांव, गरीब और किसान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा, “मेरी दृढ़ मान्यता है कि विकसित भारत आज हमारा सपना नहीं, लक्ष्य है।”

दीक्षांत समारोह में प्रमुख अतिथि

इस दीक्षांत समारोह में विधायक आदित्य देवीलाल, विधायक अर्जुन चौटाला, मंडलायुक्त ए श्रीनिवास, एडीजीपी एम रवि किरण माटा, उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण, डबवाली के एसपी सिद्धांत जैन, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, श्रीमती कांता चौटाला, पूर्व मंत्री संपत सिंह, मनिंद्र सिंह बराड़, डॉ. जयप्रकाश, डॉ. कुलदीप कौर आनंद और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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