उन्नति फॉर्चून होल्डिंग्स प्रा. लि. पर ईडी का शिकंजा, पूर्व निदेशक अनिल मिठास गिरफ्तार
200 करोड़ की मनी लेंडिंग का मामला, खरीदारों से वसूली गई रकम को दूसरी कंपनियों में डाइवर्ट करने का आरोप
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
नोएडा: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट कंपनी उन्नति फॉर्चून होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मनी लेंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व निदेशक अनिल मिठास अशोक को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने नोएडा के सेक्टर 119, दिल्ली और मेरठ में स्थित कंपनी और संबंधित व्यक्तियों के कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की।
200 करोड़ की हेराफेरी, खरीदारों के साथ धोखा
ईडी को प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि बिल्डर ने फ्लैट खरीदारों से करोड़ों की राशि वसूलकर उसे दूसरी कंपनियों में डाइवर्ट किया। इस पैसे का इस्तेमाल गैरकानूनी मनी लेंडिंग और अवैध लेन-देन में किया गया। कुल मिलाकर यह मामला लगभग 200 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।
नोएडा की अरण्य सोसाइटी में 11.30 घंटे तक चली जांच
ईडी की टीम ने नोएडा की अरण्य हाउसिंग सोसाइटी में तकरीबन 11.30 घंटे तक छानबीन की। इस दौरान दस्तावेजों, डिजिटल डाटा, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य अहम सबूतों को जब्त किया गया। सोसाइटी में इस छापेमारी से हड़कंप मच गया और वहां मौजूद लोगों में बेचैनी देखी गई।
अनिल मिठास 24 अप्रैल तक ईडी रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद ईडी ने अनिल मिठास को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 24 अप्रैल तक ईडी रिमांड पर भेज दिया गया है। इस दौरान उनसे पैसे के लेन-देन और संपत्ति निवेश से जुड़ी पूछताछ की जाएगी।
लोगों के साथ विश्वासघात, अब कानून करेगा हिसाब
ईडी का कहना है कि यह मामला आम लोगों की मेहनत की कमाई से जुड़ा है। बिल्डर ने घर का सपना दिखाकर लोगों से पैसा वसूला और उसे अपनी दूसरी कंपनियों को लाभ पहुंचाने में लगाया। जांच एजेंसी अब मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है और बाकी संबंधित लोगों की भी पहचान की जा रही है।
अन्य परियोजनाएं भी रडार पर
ईडी के सूत्रों के अनुसार, उन्नति फॉर्चून से जुड़ी अन्य रियल एस्टेट परियोजनाएं भी जांच के घेरे में हैं, जिनमें खरीदारों को लंबे समय से फ्लैट नहीं मिले हैं। कई निवेशकों ने धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनकी जांच तेज़ी से की जा रही है।
