पटना: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार में सरकारी टेंडरों में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को एक बार फिर छापेमारी की। यह कार्रवाई ठेकेदार और नौकरशाहों के बीच कथित गठजोड़ को लेकर की गई, जिसमें राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए टेंडरों में गड़बड़ी के सबूत मिले थे।
ईडी के अनुसार, यह छापेमारी बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर, गुजरात के सूरत और हरियाणा के पानीपत में कुल 9 स्थानों पर की गई। यह मामला पटना के ठेकेदार ऋषु श्री से जुड़ा है, जो कथित रूप से इस घोटाले का केंद्र बिंदु बताया जा रहा है।
एजेंसी ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई “आपत्तिजनक दस्तावेज़ और प्रमाण” जब्त किए गए हैं। यह दस्तावेज़ कुछ लोगों और ट्रैवल एजेंट्स से संबंधित हैं, जो ठेकेदार के संपर्क में थे और इस मामले से कथित तौर पर जुड़े हुए हैं।
ED ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की है और आगे की पूछताछ जारी है।
