डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर एजीएमयूटी कैडर के आईएएस, आईपीएस, आईएफओएस अधिकारियों के लिए आयोजित किया मिलन समारोह

नई दिल्ली, 3 जुलाई: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर जम्मू-कश्मीर एजीएमयूटी कैडर के आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों के साथ विशेष मुलाकात की और उनके सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया।

यह आयोजन उन अधिकारियों के साथ एक आत्मीय संवाद का अवसर बना, जो पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर कैडर से संबंधित थे और अब एजीएमयूटी कैडर का हिस्सा हैं। कार्यक्रम में विभिन्न बैचों के अधिकारियों ने एक-दूसरे से पुनर्मिलन करते हुए अपने अनुभव साझा किए और जम्मू-कश्मीर में अपनी सेवा के दिनों को याद किया।

डॉ. सिंह ने इस अवसर पर अधिकारियों के करियर की प्रगति को याद किया और 2014 में मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई उस पहल को दोहराया, जिसमें अधिकारियों को अपनी पहली पोस्टिंग वाले जिलों में लौटकर विकास की समीक्षा करने को कहा गया था। उन्होंने कहा, “इससे लोकसेवा के प्रति जुड़ाव और निरंतरता की भावना विकसित हुई।”

उन्होंने जम्मू-कश्मीर की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में भूमिका को रेखांकित करते हुए चेनाब ब्रिज, लिथियम खोज और लैवेंडर क्रांति जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि यह क्षेत्र भारत की वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में एक प्रमुख विकास इंजन बनेगा।

उग्रवाद के कठिन दौर को याद करते हुए डॉ. सिंह ने उन अधिकारियों की सराहना की जिन्होंने बेहद चुनौतीपूर्ण स्थितियों में काम किया।

बातचीत के दौरान डॉ. सिंह ने अधिकारियों को कठोर पदानुक्रम से हटकर संवाद को प्रोत्साहित किया और कहा कि “प्रभावी नेतृत्व वही है जो सुनता है और हमेशा उपलब्ध रहता है।”

इस कार्यक्रम में आईएएस, आईपीएस और सचिवालय सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें श्री नवीन कुमार चौधरी, श्री मनोज कुमार द्विवेदी, श्री शाह फैसल, श्री पंकज सक्सेना, श्री मुकेश सिंह, श्री विजय कुमार जैसे अधिकारी प्रमुख रहे।

अधिकारियों ने डॉ. सिंह के व्यक्तिगत जुड़ाव की सराहना करते हुए इसे “प्रशासन में मानवीय स्पर्श” बताया जो नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूती देता है।

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