नई दिल्ली। खाना खाते समय गले में निवाला फंस जाना एक आम समस्या है, लेकिन कई बार यह स्थिति डरावनी और खतरनाक भी हो सकती है। यह समस्या खासतौर पर बच्चों, बुज़ुर्गों और जल्दी-जल्दी खाने वाले लोगों में अधिक देखी जाती है। एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमोल रत्ना के अनुसार, घबराहट में उठाया गया गलत कदम परेशानी को और बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले पहचानें: हालत कितनी गंभीर है
डॉ. सुमोल रत्ना बताते हैं कि गले में खाना फंसने पर सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि स्थिति हल्की है या गंभीर।
हल्की स्थिति में व्यक्ति बोल पा रहा होता है, सांस ले सकता है और खांसी भी आ रही होती है। ऐसी हालत में ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं होती।
लेकिन अगर व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी हो, वह बोल न पा रहा हो, गला पकड़कर इशारा कर रहा हो या उसका चेहरा नीला या पीला पड़ने लगे, तो यह गंभीर स्थिति है। ऐसे में एक पल की देरी भी खतरनाक हो सकती है।
क्या करें
सबसे पहले खुद को और सामने वाले व्यक्ति को शांत रखें।
यदि व्यक्ति खांस पा रहा है तो उसे खांसने दें, क्योंकि खांसी शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है और इससे कई बार फंसा हुआ खाना बाहर निकल जाता है।
व्यक्ति को सीधे बैठने या खड़े रहने दें, लेटने से स्थिति बिगड़ सकती है।
अगर हालत हल्की है और सांस सामान्य है, तो छोटे-छोटे घूंट में गुनगुना पानी पिलाया जा सकता है।
गंभीर स्थिति में, जब व्यक्ति सांस नहीं ले पा रहा हो, तो हाइमलिक मैनूवर (Heimlich Maneuver) किया जा सकता है। इसमें पीछे से खड़े होकर नाभि के ऊपर पेट पर दोनों हाथों से ऊपर की ओर झटका दिया जाता है। यह तरीका केवल आपात स्थिति में और सही जानकारी होने पर ही करें।
अगर खाना बाहर न निकले, सांस की दिक्कत बढ़े या व्यक्ति बेहोश होने लगे, तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं या नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
क्या नहीं करें
गले में उंगली डालने की कोशिश बिल्कुल न करें, इससे खाना और अंदर जा सकता है या गले में चोट लग सकती है।
ज्यादा पानी पीने या केला, रोटी, चावल जैसी चीजें निगलने की कोशिश न करें।
अगर व्यक्ति खांस पा रहा है तो उसकी पीठ पर जोर से थपकी न दें।
सबसे जरूरी बात, घबराएं नहीं, क्योंकि घबराहट से सांस तेज चलती है और स्थिति और बिगड़ सकती है।
भविष्य में कैसे बचें
हमेशा धीरे-धीरे और अच्छे से चबाकर खाना खाएं।
खाते समय बात करने या हंसने से बचें।
सूखा खाना खाते समय पानी पास रखें।
बच्चों और बुज़ुर्गों को छोटे-छोटे निवाले दें।
यदि दांतों या निगलने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।
गले में खाना फंसना भले ही मामूली लगे, लेकिन कई बार यह जानलेवा साबित हो सकता है। सही समय पर सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत डॉक्टर या आपातकालीन सेवाओं की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
