धूप लेने से डायबिटीज कंट्रोल होती है या नहीं? डॉक्टर ने बताया सच और जरूरी सावधानियां

नई दिल्ली: आजकल यह चर्चा तेजी से बढ़ रही है कि रोज धूप लेने से डायबिटीज कंट्रोल हो सकती है। धूप से मिलने वाला विटामिन डी शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन क्या केवल धूप ही ब्लड शुगर को नियंत्रित कर सकती है? इस सवाल पर विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि धूप फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे डायबिटीज का इलाज नहीं माना जा सकता।

डॉ. सुमोल रत्ना, सहायक प्रोफेसर, चिकित्सा विभाग, एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, के अनुसार डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। यह समस्या तब होती है जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता। इंसुलिन का काम शरीर की कोशिकाओं तक ग्लूकोज पहुंचाना होता है, ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके।

धूप और विटामिन डी का क्या है संबंध

डॉक्टरों के अनुसार, सुबह की धूप में रहने से शरीर में विटामिन डी बनता है। विटामिन डी हड्डियों के अलावा इम्यून सिस्टम और हार्मोन संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है। कई शोधों में पाया गया है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, उनमें डायबिटीज का खतरा अधिक होता है। विटामिन डी इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रखने में सहायक भूमिका निभा सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि सिर्फ धूप लेने से डायबिटीज ठीक नहीं हो सकती और न ही यह दवा का विकल्प है।

धूप दवा का विकल्प नहीं, केवल सहायक उपाय

डॉ. सुमोल रत्ना के अनुसार, कई लोग यह गलतफहमी पाल लेते हैं कि रोज धूप लेने से दवा की जरूरत खत्म हो जाएगी, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए नियमित दवा, संतुलित आहार, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली सबसे जरूरी हैं। धूप इन उपायों के साथ एक सहायक भूमिका निभा सकती है।

कब और कितनी देर धूप लेना सही

विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह 7 से 10 बजे के बीच 15 से 20 मिनट तक धूप लेना पर्याप्त होता है। इस दौरान हाथ, पैर या चेहरे पर धूप पड़ना काफी होता है। तेज दोपहर की धूप से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा को नुकसान और हीट स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।

धूप के अन्य फायदे भी हैं

धूप लेने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है। तनाव कम होने से अप्रत्यक्ष रूप से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, विटामिन डी की कमी से होने वाली थकान और कमजोरी में भी सुधार होता है।

सावधानी भी जरूरी

डायबिटीज मरीजों को धूप लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर यदि त्वचा संवेदनशील हो या घाव जल्दी बनते हों। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। साथ ही, विटामिन डी की कमी की पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट कराना भी जरूरी होता है।

 

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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

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