रामपुर सदर तहसील व अपर जिलाधिकारी वित्त कार्यालय के बाबुओं के द्वारा किसानों के साथ किया जा रहा है भ्रष्टाचार : मुस्तफा हुसैन
रामपुर: सदर तहसील के कर्मचारी व अपर जिलाधिकारी वित्त कार्यालय के बाबुओं के द्वारा किसानों को परेशान कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। रामपुर जिला पंचायत के सदस्य मुस्तफा हुसैन ने मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार रोकने की मांग की है।
जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि तहसील सदर के लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार व बाबुओं के द्वारा आमजन से बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं किया जाता है। किसान हो या गरीब अपने जायज काम के लिए तहसील आते है, और राशन कार्ड, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, खतौनी, नक्शा और पैमाईश के लिए कर्मचारियों से मिलते है, लेकिन उसका काम नहीं हो पाता है। जब तक किसान रिश्वत नहीं देता, उसको कर्मचारी टहलाते रहते हैं।
जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने पत्र के माध्यम से कहा है कि सरकार ने किसानों से नेशनल हाईवे के लिए ब्लॉक चमरौआ के ग्राम दुर्गनगला, बढ़पुरा, भमरौआ, अजीतपुर, अलीनगर, बगी, कोयला आदि जमीनों का अधिकरण किया है और अधिकृत जमीनों के मुआवजे के लिए किसानों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल पा रहा है और प्रशासन द्वारा जो मुआवजा दिया जा रहा है, उसके लिए भी किसानों को दर दर की ठोकने खानी पड़ रही है। वहीं अपर जिलाधिकारी वित्त के अधीन अधिग्रहण कार्यालय के बाबू भी किसानों को मुआवजे की रिपोर्ट के नाम पर परेशान कर रहे हैं और तहसील से रिपोर्ट आने में कई कई माह लगा रहे हैं। तहसील में रिपोर्ट लगाने के नाम पर लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार व तहसीलदार किसानों को परेशान कर रहे हैं। जबकि किसानों को सरकार के नियमों के अनुसार ही मुआवजा मिल रहा है फिर भी बाबू और कर्मचारी मुआवजे में कमीशन खोरी कर रहे है, जिससे दिन-ब-दिन भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
