सीआईएसएफ में 11,729 नये कांस्टेबल/जीडी की तैनाती: परिचालन सामर्थ्य का नया स्वर्णिम अध्याय

एटा:- भारतीय औद्योगिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा वास्तुकला का मेरुदण्ड कही जाने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने हाल ही में अपने इतिहास के सबसे व्यापक विस्तारों में से एक को साकार किया है। बल में 11,729 नये कांस्टेबल/जीडी की तैनाती न केवल एक प्रशासनिक पहल है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने वाला रणनीतिक कदम है। इस अभूतपूर्व विस्तार ने बल की परिचालन क्षमता में 8% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कराई है, जो आंतरिक सुरक्षा तंत्र में नई ऊर्जा का संचार करती है।

सबसे उल्लेखनीय आयाम है—परिचालन इकाईयों में महिला बलकर्मियों की संख्या में 18% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी। यह परिवर्तन केवल सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सुरक्षा तंत्र में नारी शक्ति के उदय का दृढ़ प्रतीक है। महिला जवानों की बढ़ती उपस्थिति सुरक्षा कार्यवाहियों में संवेदनशीलता, अनुशासन, कूटनीतिक दक्षता और उच्च स्तरीय प्रतिबद्धता का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। हालिया वर्षों में इसे सीआईएसएफ के भीतर हुए सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक-संगठनात्मक परिवर्तनों में गिना जा रहा है।

देशभक्ति की दृष्टि से यह विस्तार एक स्पष्ट संदेश देता है—भारत न केवल अपनी आर्थिक और औद्योगिक शक्ति को बढ़ा रहा है, बल्कि उसके समानांतर अपने सुरक्षा तंत्र को भी अधिक मजबूत, आधुनिक और सर्वसमावेशी बना रहा है। इन नये जवानों की तैनाती से बल की क्षमता उन चुनौतियों से निपटने में और अधिक सक्षम होगी, जो साइबर खतरों से लेकर हाइब्रिड सुरक्षा परिदृश्यों तक विस्तृत होती जा रही हैं।

राष्ट्रहित में समर्पित सीआईएसएफ की यह उपलब्धि देश की सुरक्षा-संहिता में नये अध्याय का शुभारम्भ है—एक ऐसा अध्याय, जो अनुशासन, अदम्य साहस, तकनीकी दक्षता और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत है। यह नयी कसावट, नयी ऊर्जा और नए संकल्प का सशक्त प्रतीक है, जो भारत को और अधिक सुरक्षित

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