तिजारा में अवैध शराब और गांजा बिक्री के खिलाफ महिलाओं-पुरुषों का प्रदर्शन, उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
तिजारा। तिजारा कस्बे में फिरोजपुर रोड पर चल रही अवैध शराब और गांजा की बिक्री के विरोध में कस्बे के सैकड़ों महिला एवं पुरुषों ने एकजुट होकर उपखंड अधिकारी संजीव वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने इस अवैध कारोबार को तुरंत प्रभाव से बंद कराने की मांग की और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की।
नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री से नाराजगी, पुलिस व प्रशासन पर उठे सवाल
ज्ञापन में बताया गया कि तिजारा पुलिस थाना एवं शिव मंदिर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित अनाज मंडी के पास नरसी गुर्जर की तीन दुकानों पर अवैध रूप से शराब, गांजा और अफीम का धंधा खुलेआम चल रहा है। इसके अलावा फिरोजपुर रोड पर जहां प्राइवेट बसें खड़ी होती हैं, वहीं इन नशीले पदार्थों की बिक्री बेरोक-टोक की जा रही है।
छात्र-छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा पर संकट
स्थानीय लोगों ने ज्ञापन में चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि इस रास्ते से छात्राएं रोजाना स्कूल-कॉलेज जाती हैं और रास्ते में शराबी व नशेड़ी तत्व महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं। इससे क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर हालात बने हुए हैं।
नशे के कारोबारियों की धमकी और खुलेआम प्रशासन को चुनौती
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि जब स्थानीय लोग नरसी गुर्जर को नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने की बात कहते हैं, तो वह गाली-गलौज और मारपीट पर उतर आता है। इतना ही नहीं, वह खुलेआम कहता है कि उसकी अधिकारियों से “मंथली” चल रही है और कोई भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह बयान प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है।
जनता की मांग – हो कड़ी कार्रवाई, बंद हो अवैध धंधा
महिलाओं और पुरुषों ने उपखंड अधिकारी से अपील की कि इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन को कड़े निर्देश दिए जाएं ताकि युवाओं को नशे की गर्त में जाने से रोका जा सके और आमजन को राहत मिले। साथ ही अवैध धंधा करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
तिजारा की जनता अब अवैध नशे के व्यापार के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज़ उठा रही है। ज्ञापन के माध्यम से जो तथ्य सामने आए हैं, वे न केवल समाज के नैतिक पतन की ओर संकेत करते हैं, बल्कि प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े करते हैं। अब देखना यह होगा कि अधिकारी वर्ग इस जनआक्रोश को कितना गंभीरता से लेता है।
