नई दिल्ली, 20 अगस्त: दिल्ली हाईकोर्ट ने नगर निगम (MCD) के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें एक जमीन को बच्चों के खेल मैदान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया था। कोर्ट ने कहा कि बच्चों के शारीरिक विकास और वृद्धि के लिए खेल का मैदान “अनिवार्य” है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने 19 अगस्त को दिए आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं की उस मांग में कोई औचित्य नहीं है, जिसमें उक्त भूमि को ornamental पार्क (सजावटी पार्क) के रूप में आम जनता के उपयोग के लिए रखने की बात कही गई थी।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि मॉडल टाउन-II इलाके में पहले से ही कई पार्क मौजूद हैं, जिनमें एक 100 एकड़ का बड़ा पार्क भी शामिल है। ऐसे में जनता के लिए पर्याप्त पार्किंग और हरित क्षेत्र उपलब्ध है, जबकि स्कूल के बच्चों के लिए खेल मैदान अत्यावश्यक है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि, “विद्यालय के छात्रों के शारीरिक विकास और वृद्धि के लिए खेल का मैदान आवश्यक है। एमसीडी के निर्णय में कोई त्रुटि नहीं पाई गई।”
इस आदेश के साथ ही एमसीडी अब उस भूमि को बच्चों के खेल मैदान के रूप में विकसित कर सकेगी।
