रोज़ाना नाश्ते में यह एक चीज़ खाने से अल्ज़ाइमर का खतरा हो सकता है आधे से भी कम, मस्तिष्क को मिलता है विशेष लाभ
अल्ज़ाइमर और बढ़ती उम्र में मस्तिष्क की सेहत पर चिंता
नई दिल्ली: आज दुनिया भर में अल्ज़ाइमर और उम्र से संबंधित संज्ञानात्मक गिरावट (cognitive decline) एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। वैज्ञानिक लगातार ऐसे खान-पान और जीवनशैली से जुड़े विकल्पों की खोज कर रहे हैं, जो इस खतरे से बचाव में मदद कर सकें। हाल ही में “एक अंडा” इस दिशा में एक सरल लेकिन प्रभावी उपाय के रूप में सामने आया है। Journal of Nutrition में प्रकाशित एक नई रिसर्च के अनुसार, यदि सप्ताह में एक से अधिक बार अंडे खाए जाएं तो बुजुर्गों में अल्ज़ाइमर का खतरा लगभग 50% तक कम हो सकता है।
अल्ज़ाइमर क्या है?
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑन एजिंग के अनुसार, अल्ज़ाइमर डिमेंशिया (स्मृति और सोचने की शक्ति में कमी) का सबसे आम प्रकार है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:
- सोचने और समझने की क्षमता में कमी
- याददाश्त का धीरे-धीरे कमजोर होना
- तर्कशक्ति और निर्णय लेने में समस्या
कई बार व्यक्ति को एक साथ एक से अधिक प्रकार के डिमेंशिया भी हो सकते हैं — जैसे अल्ज़ाइमर और वैस्कुलर डिमेंशिया।
रिसर्च में क्या सामने आया: अंडा और मस्तिष्क सेहत का संबंध
इस अध्ययन का नाम था:
“Association of Egg Intake with Alzheimer’s Dementia Risk in Older Adults: The Rush Memory and Aging Project”
इसमें 1,024 बुजुर्ग (औसतन उम्र 81.4 वर्ष) को 7 सालों तक ट्रैक किया गया। ये सभी शुरुआत में डिमेंशिया से मुक्त थे। उनकी डाइट को एक विशेष फूड क्वैश्चनेयर से दर्ज किया गया और हर साल उनका संज्ञानात्मक आकलन किया गया।
रिजल्ट:
जिन लोगों ने सप्ताह में एक से अधिक बार अंडा खाया, उनमें अल्ज़ाइमर का खतरा लगभग 50% तक कम पाया गया, उनकी तुलना में जिन्होंने कम अंडे खाए।
अंडा क्यों है दिमाग के लिए फायदेमंद?
इस रिसर्च में “कोलीन” (Choline) नामक तत्व को सबसे प्रमुख कारक माना गया। कोलीन एक जरूरी पोषक तत्व है जो विशेष रूप से अंडों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह न तो पूरी तरह से विटामिन है, न ही मिनरल — लेकिन शरीर और मस्तिष्क को बेहतर काम करने में मदद करता है।
कोलीन के फायदे:
- मस्तिष्क की कोशिकाओं की मरम्मत और संरचना में सहायक
- सूजन को कम करता है
- मूड और मानसिक स्वास्थ्य को नियंत्रित करता है
- मांसपेशियों की कार्यक्षमता और वसा चयापचय में मदद करता है
कोलीन के प्रमुख स्रोत (Animal-Based):
- अंडा (विशेष रूप से जर्दी)
- मछली (जैसे सैल्मन और टूना)
- चिकन या टर्की
- दूध और डेयरी उत्पाद
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शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में शामिल 578 ऐसे प्रतिभागियों के मस्तिष्क का भी पोस्टमार्टम किया, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। उनमें यह देखा गया कि जिन्होंने सप्ताह में एक से अधिक बार अंडे खाए थे, उनके मस्तिष्क में अल्ज़ाइमर के लक्षण कम थे:
- कम एमिलॉयड प्लाक्स (Amyloid Plaques) – मस्तिष्क में बनने वाली हानिकारक प्रोटीन संरचनाएं
- कम न्यूरोफाइब्रिलरी टेंगल्स (Neurofibrillary Tangles) – मस्तिष्क कोशिकाओं में बनने वाली रुकावटें जो सोचने की क्षमता को बाधित करती हैं
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
इस रिसर्च का सीधा निष्कर्ष यह है कि नियमित रूप से अंडा खाने वाले लोगों में अल्ज़ाइमर का खतरा कम होता है, और इसका मुख्य कारण कोलीन की उपस्थिति हो सकती है। यह अध्ययन बताता है कि हमारे रोज़मर्रा के खानपान में सरल और आसानी से उपलब्ध चीजें भी मस्तिष्क की सेहत के लिए वरदान साबित हो सकती हैं।
अगर आप अपने मस्तिष्क को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो हफ्ते में कम से कम दो से तीन बार अंडा खाना एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय हो सकता है।
