साइबर ठगों का नया हथियार – ‘बिंगोमोड’, जो खुद को भी खत्म कर देता है!” एसपी डॉ. मयंक गुप्ता

ऐलनाबाद 8 अगस्त ( एम पी भार्गव )– जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. मयंक गुप्ता ने आमजन को साइबर अपराध से सतर्क रहने की अपील करते हुए जानकारी दी है कि साइबर ठगों ने अब एक अत्यंत खतरनाक वायरस “बिंगोमोड” का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह वायरस न केवल मोबाइल डिवाइस में प्रवेश कर उपयोगकर्ता की बैंकिंग जानकारी चुराता है, बल्कि खाते से पैसे निकालने के बाद खुद को भी नष्ट कर देता है, जिससे कोई डिजिटल सबूत तक नहीं बचता।
. पुलिस अधीक्षक सिरसा ने बताया कि यह वायरस आमतौर पर मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर में भेजे गए संदिग्ध लिंक, जैसे कि व्हाट्सएप, एसएमएस, ईमेल या सोशल मीडिया मैसेज के माध्यम से प्रवेश करता है। जैसे ही यूजर इन पर क्लिक करता है, यह वायरस सक्रिय हो जाता है और डिवाइस की संवेदनशील जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचा देता है।
बिंगोमोड वायरस क्या है?

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस एक अत्याधुनिक एंड्रॉयड रिमोट एक्सेस ट्रोजन (RAT) है, जिसकी मदद से साइबर अपराधी दूर बैठे किसी भी डिवाइस को पूरी तरह नियंत्रित कर सकते हैं। यह वायरस स्क्रीनशॉट ले सकता है, लाइव स्क्रीन को मॉनिटर कर सकता है और 40 से अधिक खतरनाक कमांड को रिमोटली निष्पादित कर सकता है।
एसपी डॉ. गुप्ता ने बताया कि बिंगोमोड वायरस डिवाइस को फैक्ट्री रिसेट मोड में ले जाकर खुद को मिटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता को पता ही नहीं चलता कि उसके साथ कब और कैसे धोखाधड़ी हुई। इसे “सेल्फ-डिस्ट्रक्टिव मैलवेयर” भी कहा जा रहा है क्योंकि यह वायरस किसी भी डिजिटल सबूत को पीछे नहीं छोड़ता।
जनता के लिए चेतावनी और सुझाव:
* किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह किसी भी माध्यम (WhatsApp, SMS, ईमेल, फेसबुक आदि) से आया हो।
* OTP, पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
* फ़ोन में थर्ड-पार्टी ऐप्स या संदिग्ध APK फाइल्स डाउनलोड करने से बचें।
* मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा अद्यतन एंटीवायरस प्रोग्राम का इस्तेमाल करें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटना घटती है, तो तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन में सूचना दें या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सहायता प्राप्त करें।
डॉ. मयंक गुप्ता ने कहा कि “डिजिटल युग में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। यदि हम सतर्क रहें, तो साइबर अपराधी अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं हो सकते।”

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