मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस की गांधीगीरी, राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान

चंडीगढ़।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में सोमवार को हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद मनरेगा को बचाने के लिए गांधीगीरी के रास्ते पर चलने का फैसला लिया गया। कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की राष्ट्रव्यापी शुरुआत करने का ऐलान करते हुए उपवास, शांतिपूर्ण धरना, घेराव और जनजागरण को आंदोलन का मुख्य हथियार बनाने की घोषणा की।

बैठक में प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, सतपाल ब्रह्मचारी, वरुण मुलाना, जयप्रकाश, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान, कांग्रेस अनुशासनात्मक कमेटी के प्रमुख धर्मपाल सिंह मालिक सहित सभी विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं, भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चंडीगढ़ स्थित कोठी पर मंगलवार को कांग्रेस सांसदों की प्रेसवार्ता भी आयोजित की जाएगी।

प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संग्राम के तहत पीसीसी स्तर पर बैठकें होंगी। इसके साथ ही जिलास्तर पर प्रेसवार्ताएं, एक दिन का उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध, पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। वार्ड और जिलास्तर पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन के बाद राज्यस्तरीय विधानसभा घेराव किया जाएगा। क्षेत्रीय स्तर पर रैलियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। कांग्रेस मनरेगा के स्वरूप में बदलाव से प्रभावित हर व्यक्ति तक पहुंचेगी।

प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने कहा कि मनरेगा कानून के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 100 दिनों का रोजगार पाने का कानूनी अधिकार है। यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीबों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है। हाईकमान के निर्देशानुसार कांग्रेस हर स्तर पर आंदोलन करेगी।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि फंड में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी, काम के दिनों में कमी और मनमाने प्रतिबंधों के कारण गरीब, दलित, आदिवासी, महिलाएं और अन्य वंचित वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। वर्तमान में 60 प्रतिशत से अधिक मनरेगा मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है, जिसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आएंगे।

कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि मनरेगा का मूल स्वरूप बदलकर भाजपा सरकार ग्रामीण गरीबों, महिलाओं और जरूरतमंदों से उनका हक छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने इस योजना को सोच-समझकर बनाया था ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो और महिलाओं को घर के पास रोजगार मिले। कांग्रेस इस साजिश को कभी सफल नहीं होने देगी।

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना भाजपा की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। यह सिर्फ नाम बदलने का मुद्दा नहीं, बल्कि योजना का स्वरूप बदलकर जरूरतमंदों के अधिकार छीनने का असफल प्रयास है।

तीनों निकाय चुनाव जीतने का दावा
बैठक में प्रदेश के तीन निकाय चुनावों को लेकर भी चर्चा की गई। सांसद वरुण मुलाना द्वारा अंबाला और पंचकूला में वार्डबंदी के दौरान एससी सीटों की संख्या कम किए जाने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाया गया, जिसे पारित किया गया। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस निगम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और तीनों निकाय चुनावों में शानदार जीत हासिल करेगी।

 

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