एजुकेट गर्ल्स के दीक्षांत समारोह में कक्षा 10 पास शिक्षार्थियों का सम्मान, बेटियों की शिक्षा पर दिया गया जोर

बड़वानी (मध्य प्रदेश), मार्च 2026।Educate Girls ने बड़वानी में अपना 18वां स्थापना दिवस मनाते हुए एक भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर Madhya Pradesh State Open School के माध्यम से कक्षा 10 की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली शिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही संगठन के सामुदायिक मार्गदर्शकों (प्रेरक) और स्वयंसेवकों (टीम बालिका) के योगदान को भी सराहा गया। कार्यक्रम में सरकारी अधिकारी, साझेदार, स्वयंसेवक और शिक्षार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

समारोह के दौरान कक्षा 10 पास करने वाली शिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें कई ऐसी छात्राएं थीं, जिन्होंने वर्षों बाद दोबारा पढ़ाई शुरू की और अपनी मेहनत से सफलता हासिल की। कार्यक्रम में आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों में शिक्षार्थियों, प्रेरकों और टीम बालिका स्वयंसेवकों ने अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की प्रेरक कहानियां साझा कीं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत कलेक्टर Kajal Jawla (आईएएस) ने परिवारों से बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग पूछते हैं कि लड़कियां पढ़कर क्या करेंगी, क्या वे कलेक्टर बनेंगी? उनका जवाब है—“क्यों नहीं?” उन्होंने बताया कि वह स्वयं किसान परिवार से आती हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित बेटी केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का भविष्य बदल सकती है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी Padma Vilochan Shukla (आईपीएस) ने भी संगठन की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों में कई बच्चों को प्रवासन के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। ऐसे में उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ते हैं, तो वे अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करते हैं।

प्रगति कार्यक्रम से मिल रहा ‘सेकंड-चांस’ शिक्षा का अवसर

कार्यक्रम की खास झलक उन शिक्षार्थियों का सम्मान रहा, जिन्होंने प्रगति कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा 10 की परीक्षा पास की। यह कार्यक्रम 15 से 29 वर्ष के उन युवाओं के लिए है, जो किसी कारण से पढ़ाई बीच में छोड़ चुके थे। गांवों में चलने वाले लर्निंग कैंप्स के माध्यम से उन्हें शिक्षा के साथ जीवन कौशल और आत्मविश्वास भी सिखाया जाता है, ताकि वे ओपन स्कूल के माध्यम से कक्षा 10 की परीक्षा दे सकें।

इस वर्ष 6,000 से अधिक शिक्षार्थियों का कक्षा 10 की परीक्षा के लिए नामांकन हुआ है। वर्ष 2017 से संगठन के विद्या कार्यक्रम के माध्यम से चार लाख से अधिक लड़कियां और युवतियां दोबारा माध्यमिक शिक्षा से जुड़ चुकी हैं। वहीं पिछले वर्ष शुरू हुआ प्रगति कार्यक्रम उन युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान कर रहा है, जो पहले पढ़ाई छोड़ चुके थे।

कार्यक्रम में 21 शिक्षार्थी, 26 प्रेरक और 20 टीम बालिका स्वयंसेवकों के साथ कई साझेदार और समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। सम्मानित की गई कई छात्राओं ने सामाजिक बाधाओं, घरेलू जिम्मेदारियों और लंबे समय के अध्ययन अंतराल जैसी चुनौतियों को पार कर यह उपलब्धि हासिल की।

समारोह के दौरान एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसका संचालन Vikram Solanki, निदेशक (संचालन) ने किया। इसमें शिक्षार्थियों, टीम बालिका स्वयंसेवकों और प्रेरकों ने अपनी शिक्षा यात्रा और अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों की शिक्षा के महत्व को उजागर करना और अधिक से अधिक लड़कियों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए प्रेरित करना रहा।

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