China Drone: हवा में रिफ्यूलिंग क्षमता के साथ चीनी ड्रोन की रेंज हुई दोगुनी, बढ़ी सैन्य ताकत

चीन के सैन्य ड्रोन कार्यक्रम को बड़ी सफलता मिली है। चीन के ड्रोन ने अब हवा में ईंधन भरने (एरियल रिफ्यूलिंग) की क्षमता हासिल कर ली है, जिससे उसकी ऑपरेशनल रेंज दोगुनी हो गई है। इस तकनीक के जरिए घातक हथियार ले जाने में सक्षम चीनी ड्रोन अब पहले से कहीं ज्यादा दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गए हैं।

किसने किया परीक्षण
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इस परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों ने बताया कि नॉर्थवेस्टर्न पॉलिटेक्निकल यूनिवर्सिटी ने चीन का पहला सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट किया गया स्वायत्त हवाई ईंधन भरने का उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया है। इसे चीन के ड्रोन विकास कार्यक्रम में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।

कैसे हुआ टेस्ट
इस परीक्षण के दौरान दो अज्ञात मानवरहित हवाई वाहन (UAV) इस्तेमाल किए गए। इनमें से एक ड्रोन ने टैंकर की भूमिका निभाई, जिसमें ईंधन भरने वाला पॉड लगा था, जबकि दूसरा ड्रोन रिसीवर के रूप में उड़ान भर रहा था। हवा में दोनों ड्रोन के बीच सफलतापूर्वक ईंधन ट्रांसफर किया गया।

चीन की सेना को कैसे मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक को चीन के उन्नत ड्रोन कार्यक्रम ‘जिउ तियान’ से जोड़कर देखा जा रहा है। जिउ तियान एक भारी-भरकम मानवरहित प्लेटफॉर्म है, जो 200 से अधिक लोइटरिंग म्यूनिशन यानी कामिकेज़ ड्रोन या गोला-बारूद ले जाने में सक्षम है। हवा में रिफ्यूलिंग की सुविधा मिलने से इन ड्रोन हथियारों की मारक क्षमता और रणनीतिक पहुंच काफी बढ़ जाएगी।

कितनी हुई ड्रोन की रेंज
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस नई तकनीक के दम पर चीनी ड्रोन करीब 7,000 किलोमीटर (लगभग 4,350 मील) की आधिकारिक रेंज हासिल कर सकते हैं। इससे चीन की लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

अमेरिका के बड़े शहर भी आ सकते हैं निशाने पर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ी हुई रेंज के चलते चीन की पहुंच अमेरिका के पूर्वी तट तक हो सकती है। वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और मियामी जैसे प्रमुख शहर भी संभावित दायरे में आ सकते हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

अमेरिका के लिए क्यों है खतरा
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका अब तक यह मानता रहा है कि चीन के लंबी दूरी के हमले मुख्य रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों या निश्चित ठिकानों से उड़ने वाले बमवर्षकों तक सीमित हैं। लेकिन AI-निर्देशित कामिकेज़ ड्रोन से लैस जिउ तियान जैसे प्लेटफॉर्म अमेरिकी तटरेखा के पास सैकड़ों ड्रोन लॉन्च कर मौजूदा हवाई सुरक्षा प्रणालियों को चुनौती दे सकते हैं। एक-एक जिउ तियान ड्रोन सैकड़ों टैक्टिकल मिसाइलें ले जाने में सक्षम माना जा रहा है, जिससे खतरा और भी गंभीर हो जाता है।

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