बीजिंग। सोने की खोज के लिहाज से वर्ष 2025 चीन के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है। एक के बाद एक बड़े गोल्ड रिज़र्व मिलने के बीच साल के अंतिम महीने में चीन को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। जियाओडोंग प्रायद्वीप के पास समुद्र के नीचे एशिया का सबसे बड़ा सोने का भंडार खोजा गया है। यह चीन का पहला अंडरसी गोल्ड डिपॉजिट बताया जा रहा है।
समुद्र के नीचे हुई ऐतिहासिक खोज
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह भंडार चीन का पहला ऐसा सोने का भंडार है, जो समुद्र के नीचे स्थित है। विशेषज्ञ इसे खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में चीन की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
कहां मिला यह भंडार
यह खोज शेडोंग प्रांत के यांताई शहर में लाइझोउ (Laizhou) के तट के पास की गई है। यह क्षेत्र पहले से ही सोने की खदानों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन समुद्र के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में सोने का मिलना पहली बार सामने आया है।
कितना है सोने का अनुमानित भंडार
अनुमानों के मुताबिक, लाइझोउ क्षेत्र में कुल सिद्ध सोने का भंडार 3,900 टन (लगभग 137.57 मिलियन औंस) से अधिक बताया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक समुद्र के नीचे मौजूद सोने के वास्तविक आकार और सटीक मात्रा का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
चार साल से खनिज अन्वेषण पर जोर
चीन वर्ष 2021 से खनिज अन्वेषण पर लगातार जोर दे रहा है। इस दौरान करीब 450 बिलियन युआन का निवेश किया गया है। हाल ही में पूर्वोत्तर प्रांत लियाओनिंग में 1,444.49 टन सोने का भंडार मिलने की पुष्टि हुई थी। वहीं नवंबर महीने में शिनजियांग उइघुर स्वायत्त क्षेत्र की पश्चिमी सीमा के पास कुनलुन पहाड़ों में भी 1,000 टन से अधिक अनुमानित सोने के भंडार की खोज की जानकारी दी गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र के नीचे मिले इस नए भंडार से न केवल चीन की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक सोने के बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है।
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