नई दिल्ली, 19 मई : भारत के रक्षा मंत्रालय से संबद्ध एक शोध संस्था “Centre for Joint Warfare Studies (CENJOWS)” ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि चीन ने हालिया भारत-पाक संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को सैटेलाइट और वायु रक्षा सहायता प्रदान की थी।
अप्रैल 22 को हुए खूनी हमले और उसके बाद शुरू हुई सैन्य झड़पों के बीच 15 दिनों की अवधि में, चीन ने पाकिस्तान की रेडार व एयर डिफेंस प्रणाली को पुनर्गठित करने, तथा भारत के ऊपर अपनी सैटेलाइट कवरेज बढ़ाने में मदद की।
🔴 “दो मोर्चों की चुनौती अब स्थायी रणनीति का हिस्सा” – भारत
शोध समूह के वरिष्ठ विश्लेषक कुमार के अनुसार,
“चीन ने पाकिस्तान को हमारी वायु कार्रवाई की समयपूर्व जानकारी पाने में सक्षम किया। अब भारत, पाकिस्तान के साथ हर संघर्ष की योजना बनाते समय ‘दो मोर्चों’ की स्थिति को ध्यान में रखता है।”
कुमार का दावा है कि चीन ने इस संघर्ष का अपने हथियारों की टेस्टिंग ग्राउंड के तौर पर उपयोग किया, लेकिन कई चीनी प्रणालियों का प्रदर्शन “निराशाजनक” रहा।
🌐 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया व चुप्पी
भारत सरकार ने चीन की संलिप्तता को अभी तक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है।
पाकिस्तान ने केवल चीन निर्मित हथियारों के उपयोग की बात कही है, लेकिन लॉजिस्टिक और खुफिया समर्थन मिलने के आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
चीन के विदेश और रक्षा मंत्रालयों के साथ-साथ भारत के विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सेना, और प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले पर टिप्पणी से इनकार किया है।
✈ भारत-पाक संघर्ष: अब तक का सबसे बड़ा टकराव
22 अप्रैल के आतंकी हमले में 26 भारतीय पर्यटक मारे गए, जिसके बाद भारत-पाक के बीच ड्रोन, मिसाइल, तोप और छोटे हथियारों से भीषण मुठभेड़ हुई। यह झड़प पिछले 50 वर्षों में सबसे गंभीर मानी जा रही है।
हालांकि 10 मई से संघर्षविराम लागू हुआ है, लेकिन जम्मू में ट्रेसर मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती अब भी देखी जा रही है।
🇵🇰 पाकिस्तान की नई पहल: विदेश मंत्री का चीन दौरा
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार सोमवार को चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वे दक्षिण एशिया में बदलते हालात और शांति व स्थिरता पर चर्चा करेंगे।
✈ क्या पाकिस्तान ने गिराए 6 भारतीय फाइटर जेट?
पाक पीएम शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि छह भारतीय लड़ाकू विमान मार गिराए गए, लेकिन भारत ने इस पर कोई पुष्टि नहीं की है। चीनी लड़ाकू विमान J-10C और PL-15 मिसाइल को भी पहली बार इस संघर्ष में इस्तेमाल किया गया।
भारत की रणनीति अब स्पष्ट रूप से चीन-पाक साझा मोर्चे को ध्यान में रखते हुए तैयार हो रही है।
“जो भी आज चीन के पास है, वह कल पाकिस्तान के पास हो सकता है,” कुमार ने चेतावनी दी।
कश्मीर को लेकर भारत-पाक का विवाद वर्षों पुराना है, लेकिन चीन की सक्रिय संलिप्तता ने इस संघर्ष को और भी गंभीर और वैश्विक बना दिया है।
