चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने आधुनिक युद्ध तकनीक को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है। चीन का कहना है कि उसका एक अकेला सैनिक 200 से ज्यादा ड्रोन के झुंड (Drone Swarm) को नियंत्रित कर सकता है। इस ड्रोन स्वार्म तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक डेटा लिंक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
AI-इनेबल्ड ड्रोन झुंड
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया है कि ऑटोनॉमस एयरक्राफ्ट पीएलए की सैन्य क्षमता को कई गुना बढ़ाने में सक्षम हैं। अब इनमें AI तकनीक के जुड़ने से चीन ने पूरी तरह AI-इनेबल्ड ड्रोन स्वार्म तैयार कर लिया है, जो भविष्य के युद्धों में अहम भूमिका निभा सकता है।
ड्रोन आपस में कर सकते हैं काम का बंटवारा
रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रोन झुंड युद्ध पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा लिंक पर आधारित होता है। कम समय में सैकड़ों ड्रोन लॉन्च किए जा सकते हैं, जो बेहद सटीक फॉर्मेशन में उड़ान भरते हैं।
ये ड्रोन ऑटोनॉमस एल्गोरिदम के जरिए आपस में काम बांट सकते हैं, जिससे वे एक साथ मल्टी-टारगेट सर्विलांस, टोही और हमले जैसे ऑपरेशन अंजाम देने में सक्षम होते हैं।
किसने किया ड्रोन स्वार्म का परीक्षण
यह ड्रोन झुंड परीक्षण पीएलए से जुड़ी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी द्वारा किया गया है। इस टेस्ट को चीन की सैन्य तकनीक में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
शोधकर्ता ने क्या कहा
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी के इंटेलिजेंट साइंस स्कूल के रिसर्च फेलो जियांग शियाओजिया ने CCTV को बताया कि हर ड्रोन एक उन्नत इंटेलिजेंट एल्गोरिदम से लैस है।
उन्होंने कहा कि इंटरकनेक्शन और ऑटोनॉमस कम्युनिकेशन के जरिए ये ड्रोन मिलकर एक शक्तिशाली और सहयोगी इंटेलिजेंट झुंड बनाते हैं, जो युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह ड्रोन स्वार्म तकनीक भविष्य में वैश्विक सैन्य संतुलन पर भी असर डाल सकती है।
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