China: अमेरिका ने चीन पर परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने का लगाया आरोप, दो नए हथियारों से बढ़ी चिंता
बीजिंग/वॉशिंगटन, 24 फरवरी 2026। अमेरिका ने चीन पर अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को तेजी से बढ़ाने और गुप्त परमाणु परीक्षण करने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के बीच चीन के दो नए उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म सामने आए हैं, जिनसे हथियारों की वैश्विक होड़ तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बीजिंग रणनीतिक हथियार क्षमताओं का विस्तार कर रहा है, जबकि चीन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है।
सामने आए दो नए हथियार
South China Morning Post की रिपोर्ट के अनुसार चीन की टाइप 095 न्यूक्लियर-पावर्ड अटैक सबमरीन और 155 मिमी नेवल गन की तस्वीरें हाल ही में सामने आई हैं।
155 मिमी नेवल गन
रिपोर्ट के मुताबिक पीएलए नेवी अपनी 155 मिमी (6.1 इंच) नेवल गन का परीक्षण कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के नौसैनिक बेड़े की अब तक की सबसे बड़ी तोप हो सकती है, जिससे समुद्री प्लेटफॉर्म से जमीनी लक्ष्यों पर हमले की क्षमता बढ़ेगी।
चीनी सोशल मीडिया पर एक परीक्षण पोत के अग्रभाग पर लगी इस गन की तस्वीरें साझा की गईं। स्थान की पहचान लियाओनिंग प्रांत के डालियान स्थित लियाओनन शिपयार्ड के रूप में की गई है। गन की बनावट चाइना नॉर्थ इंडस्ट्रीज ग्रुप कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित मॉडल से मिलती-जुलती बताई जा रही है।
टाइप 095 न्यूक्लियर अटैक सबमरीन
दूसरी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने अपनी अगली पीढ़ी की टाइप 095 न्यूक्लियर-पावर्ड अटैक सबमरीन (SSN) लॉन्च कर दी है। डिफेंस विश्लेषकों द्वारा उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।
Janes और Naval News के अनुसार, फरवरी के मध्य में ली गई तस्वीरों में यह पोत लियाओनिंग प्रांत के हुलुदाओ स्थित बोहाई शिपयार्ड में फिटिंग चरण में दिखाई दिया।
नई सबमरीन की प्रमुख विशेषता इसका ‘X-टेल’ रडर कॉन्फिगरेशन है, जो बेहतर संचालन क्षमता (मैनूवरेबिलिटी) प्रदान करता है। नाटो कोड-नेम ‘सुई-क्लास’ वाली इस पनडुब्बी की लंबाई लगभग 110 मीटर बताई जा रही है। इसका अनुमानित डिस्प्लेसमेंट 9,000 टन से अधिक है, जो पूर्ववर्ती टाइप 093 (करीब 7,000 टन) से ज्यादा है।
बढ़ती वैश्विक चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सैन्य विकासों से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। अमेरिका पहले ही चीन पर परमाणु हथियारों के जखीरे के विस्तार का आरोप लगा चुका है, और अब इन नई सैन्य क्षमताओं के सामने आने से दोनों देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
हालांकि चीन लगातार यह कहता रहा है कि उसकी सैन्य नीति रक्षात्मक प्रकृति की है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है कि क्या दुनिया एक नए हथियारों की दौड़ की ओर बढ़ रही है।
khabre junction
