मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजीपुर में दौरे के दौरान नर्सिंग कॉलेज का निरीक्षण, अफसरों को दिए जनहित में सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की

लखनऊ/गाजीपुर।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 जून मंगलवार को जनपद गाजीपुर के दौरे पर विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ “मेरिट” के आधार पर किया जाए। राजस्व वादों को शीघ्र और निष्पक्ष रूप से निस्तारित किया जाए ताकि कोई मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के साथ किसी भी दशा में अन्याय नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए उन्हें समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गाजीपुर को दिसंबर 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने का आह्वान किया। सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व शिक्षकों को एक-एक टीबी मरीज को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली देने की अपील की।

‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत जूट वॉल हैगिंग जैसे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात करते हुए उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें मिलने वाली सहायता राशि से मकान पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग आदि की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजे जाने की जानकारी दी और कहा कि शिक्षक बच्चों के अभिभावकों से संवाद कर इसका सही उपयोग सुनिश्चित करें। बच्चों की ड्रॉप आउट दर को शून्य तक लाने के निर्देश भी दिए गए।

विद्युत आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि रोस्टर के अनुसार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर समय पर बदले जाएं। विद्युत शिकायतों के लिए 1912 टोल फ्री नम्बर को प्रचारित किया जाए।

कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने भू-माफिया, खनन माफिया, वन माफिया और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। पॉक्सो और महिला अपराधों की गम्भीर पैरवी करते हुए अपराधियों को सजा दिलाने पर जोर दिया। पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक स्तर पर एफआईआर और विवेचना की मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए। धर्मांतरण और पशु तस्करी मामलों में भी सख्त कार्रवाई की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों—मुहर्रम और कांवड़ यात्रा—को पारंपरिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। साथ ही जुलाई में होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ को सफल बनाने में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

इस दौरान जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, पंचायतीराज मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री श्री रवींद्र जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.