अमृतसर। अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोज़ाना होने वाली रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अब यह समारोह प्रतिदिन शाम 6 बजे से साढ़े 6 बजे तक आयोजित होगा। पहले यह सेरेमनी शाम 6:30 बजे से 7 बजे तक होती थी। बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि मौसम में आए बदलाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
नई व्यवस्था से समारोह देखने आने वाले पर्यटकों और सैलानियों को सहूलियत मिलेगी, क्योंकि समय पर अंधेरा होने से कार्यक्रम देखने में दिक़्क़त नहीं होगी।
सेरेमनी का आकर्षण
अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाली यह रिट्रीट सेरेमनी देशभक्ति और उत्साह से भरपूर होती है। हर शाम भारत और पाकिस्तान के सैनिक सैकड़ों दर्शकों की मौजूदगी में पूरे अनुशासन और जोश के साथ झंडा उतारने की परंपरा निभाते हैं। दोनों ओर से सैनिकों की ऊँची एड़ी की थाप, जोशीले नारे और दमदार मार्च इस आयोजन को बेहद खास बना देते हैं।
यह सेरेमनी न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर तिरंगे की शान और सैनिकों की वीरता का जीवंत प्रदर्शन भी है। हर साल हज़ारों देशी-विदेशी सैलानी इसे देखने आते हैं और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर लौटते हैं।
