कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने लिया गेहूं खरीद प्रबंधों का जायजा, किसानों को दी राहत की उम्मीद
अजनाला की मंडियों का दौरा कर किसानों और आढ़तियों से की बातचीत
अमृतसर : कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने शनिवार को अजनाला विधानसभा क्षेत्र की सभी मंडियों का दौरा कर गेहूं खरीद के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों, आढ़तियों और अधिकारियों से मुलाकात कर मंडी व्यवस्था की समीक्षा की।
सरकार खरीदेगी किसानों की फसल का एक-एक दाना: धालीवाल
धालीवाल ने कहा कि इस बार गेहूं की खरीद थोड़ी देरी से शुरू हुई है, लेकिन जैसे ही किसान मंडियों में अपनी फसल लेकर पहुंचे, खरीद कार्य शुरू कर दिया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
मंडियों में किए गए समुचित प्रबंध – बारदाना, लाइट, पानी और सड़कें दुरुस्त
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए बारदाना, पीने का पानी, बिजली, साफ-सफाई और सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि आढ़तियों और मजदूरों को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भी पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।
मुख्यमंत्री करेंगे भुगतान में तेजी – किसानों के खातों में पहुंचेगा पैसा
धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों द्वारा बेचा गया गेहूं जैसे ही मंडियों में पहुंचे, उसी दिन शाम तक उनके खातों में भुगतान ट्रांसफर कर दिया जाए।
अजनाला मंडी को बनाया गया बहुउपयोगी केंद्र
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अजनाला मंडी को चार महीने किसानों की फसल के लिए और आठ महीने आम लोगों के उपयोग के लिए तैयार किया गया है। मंडी परिसर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग यहां सुबह की सैर कर सकें और मंडी का वातावरण भी बेहतर बना रहे।
बारिश से फसल को बचाने के लिए आश्रय स्थल और पक्का फर्श तैयार
धालीवाल ने कहा कि फसल को बारिश से बचाने के लिए मजबूत आश्रय स्थल बनाए गए हैं और मंडियों का फर्श भी उच्च गुणवत्ता वाला बनाया गया है ताकि अनाज खराब न हो।
सरकार प्रतिबद्ध – एक-एक दाना उठेगा, कोई नुकसान नहीं होगा
धालीवाल ने अंत में कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और किसानों की मेहनत को बेकार नहीं जाने देगी। हर मंडी से फसल को उठाया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
यह दौरा किसानों को राहत और विश्वास देने वाला साबित हुआ, जिससे मंडियों में सक्रियता और संतोष दोनों देखने को मिले।
