भोले बाबा की कृपा से ऐलनाबाद की हर खुशी दोगुनी: सोनिया महंत की सेवा और समर्पण की कहानी

– डॉ एमपी भार्गव, विशेष संवाददाता, ऐलनाबाद

ऐलनाबाद — जब किसी शहर की धड़कन उसके लोगों की मुस्कान बन जाए, तब वहां सोनिया महंत जैसी शख़्सियत का होना किसी वरदान से कम नहीं। ऐलनाबाद की गलियों से लेकर दिलों तक, सोनिया महंत ने हमेशा यही कामना की है कि इस शहर के हर व्यक्ति के जीवन में खुशियां दोगुनी हों।

सोनिया महंत का कहना है कि ऐलनाबाद के लोगों को खुश रखना उनकी पहली प्राथमिकता ही नहीं, बल्कि उनकी ज़िम्मेदारी है। वे निरंतर इस दिशा में प्रयासरत हैं और भोले बाबा से यही प्रार्थना करती हैं कि उनकी कृपा से शहर के हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।

“ऐलनाबाद शहर के लोगों की खुशी मेरी पहली प्राथमिकता है। मैं हर संभव प्रयास करूंगी कि यहां के लोगों की हर खुशी दोगुनी हो।”

ये शब्द नहीं, बल्कि सोनिया महंत की वर्षों की सेवा और समर्पण की गवाही हैं।

किन्नर समाज का महायज्ञ — अमन, चैन और खुशहाली की मिसाल
इस वर्ष ऐलनाबाद ने एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया, जब पूरे भारतवर्ष के किन्नर समाज का दस दिवसीय महायज्ञ सम्मेलन यश रिसॉर्ट में आयोजित हुआ। इस महायज्ञ में देशभर से लगभग ढाई से तीन हजार किन्नर समाज के लोग शामिल हुए।

क्षेत्र में अमन, चैन और खुशहाली की कामना के साथ आयोजित इस महायज्ञ की पूरी जिम्मेदारी सोनिया महंत ने अपने कंधों पर उठाई। उनकी देखरेख में शहर के मुख्य मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने ऐलनाबाद को भक्ति, एकता और सौहार्द के रंग में रंग दिया।

सेवा ही जीवन — सामाजिक और धार्मिक भूमिका
सोनिया महंत केवल एक नाम नहीं, बल्कि सेवा की पहचान हैं। किसी कन्या के विवाह से लेकर सामाजिक व धार्मिक आयोजनों तक, वे हमेशा सबसे आगे खड़ी नज़र आती हैं। अपने इष्ट देव जय भोले बाबा से वे यही प्रार्थना करती हैं कि हर घर में खुशहाली आए और समाज में प्रेम व सद्भाव बना रहे।

25 वर्षों का अटूट रिश्ता ऐलनाबाद से
सोनिया महंत बताती हैं,

“मैं 15 वर्ष की उम्र में ऐलनाबाद आई थी, आज मेरी उम्र 40 वर्ष है। इन 25 वर्षों में यहां की जनता ने जो प्यार, सम्मान और सहयोग मुझे दिया है, उसे मैं जीवन भर नहीं भूल सकती।”

यह रिश्ता केवल समय का नहीं, बल्कि दिलों का है — जो हर दिन और मजबूत होता जा रहा है।

सर्दी में भी सेवा की गर्माहट
सर्दी के मौसम में भी सोनिया महंत जरूरतमंदों को नहीं भूलतीं। कंबल, स्वेटर, लोई और चादरों का वितरण कर वे यह सुनिश्चित करती हैं कि कोई भी इंसान ठंड से कांपता न रहे। यही संवेदनशीलता उन्हें सबसे अलग बनाती है।

अंत में सोनिया महंत ने ऐलनाबाद के सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा—

“भोले बाबा की कृपा से ऐलनाबाद के हर व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाए, सपने पूरे हों और इस शहर की हर खुशी दोगुनी हो।”

ऐलनाबाद के लिए सोनिया महंत केवल एक नाम नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और सच्चे समर्पण की जीवंत मिसाल हैं।

 

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