लखनऊ, 11 मई: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल की देश की सबसे बड़ी इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा का उद्घाटन करते हुए कहा कि “ब्रह्मोस केवल एक हथियार नहीं, बल्कि हमारी सशस्त्र सेनाओं की शक्ति का संदेश है। यह हमारे शत्रुओं के प्रति हमारी प्रतिरोधक क्षमता और हमारी सीमाओं की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है।”
दिल्ली से वर्चुअली इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में शामिल हो चुका है। हम लगातार अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं और यह नया केंद्र इस दिशा में एक अहम कदम है।”
लखनऊ में बना देश का सबसे बड़ा ब्रह्मोस सुविधा केंद्र
यह ब्रह्मोस निर्माण इकाई लखनऊ में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत स्थापित की गई है, जो राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र में स्थित है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल मिसाइल उत्पादन बल्कि परीक्षण, इंटीग्रेशन और एयरोस्पेस ग्रेड मटेरियल्स के निर्माण के लिए भी एक अहम प्लेटफॉर्म बनेगा।
राजनाथ सिंह ने बताया कि इस डिफेंस कॉरिडोर में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की भागीदारी संतोषजनक रूप से बढ़ रही है। पीटीसी इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड जैसे निजी उद्योग यहां टाइटेनियम और सुपर-अलॉय मटेरियल प्लांट शुरू कर रहे हैं। साथ ही सात अन्य महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं की नींव भी डाली जा रही है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
रक्षामंत्री ने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन इकाई का निर्माण मात्र 40 महीनों में पूरा कर लिया गया, जो देश की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है। ₹300 करोड़ की लागत से बना यह केंद्र 80 हेक्टेयर ज़मीन पर फैला है, जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुफ्त में प्रदान की गई है।
उन्होंने यह भी कहा, “जब हमारी सरकार ने यूपी डिफेंस कॉरिडोर की परिकल्पना की थी, तो हमारा सपना था कि उत्तर प्रदेश को फिर से देश का उत्पादन केंद्र बनाया जाए।” लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, आगरा और अलीगढ़ इस कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड हैं।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर ऐतिहासिक उद्घाटन
राजनाथ सिंह ने इस उद्घाटन को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस से जोड़ते हुए कहा, “11 मई 1998 को पोखरण में अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में परमाणु परीक्षण कर भारत ने विश्व को अपनी ताकत दिखाई थी। यह दिन हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के योगदान को नमन करने का दिन है।”
ब्रह्मोस मिसाइल: दुश्मन के लिए खौफ
ब्रह्मोस मिसाइल, जो भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस की देन है, विश्व की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में शामिल है। इसकी मारक क्षमता 290 से 400 किमी तक है और यह 2.8 माक (ध्वनि की गति) की रफ्तार से लक्ष्य को भेद सकती है। यह मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा—तीनों माध्यमों से दागी जा सकती है और “फायर एंड फॉरगेट” सिस्टम पर काम करती है।
“मेरा सपना अब साकार हो रहा है”: राजनाथ सिंह
अपने शहर लखनऊ में इस केंद्र के उद्घाटन को लेकर भावुक होते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “आज मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण दिन है। मेरा सपना था कि मेरा शहर देश की रक्षा शक्ति को मज़बूती देने में योगदान दे, और वह सपना आज पूरा हो रहा है।”
