मणिपुर में फिर सत्ता वापसी की तैयारी में बीजेपी, 44 विधायकों के समर्थन का दावा

पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह दोबारा बन सकते हैं मुख्यमंत्री

इम्फाल, 28 मई, 2025: उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर में कई वर्षों तक चली जातीय हिंसा के बाद इस वर्ष की शुरुआत में लगाए गए राष्ट्रपति शासन के बीच अब राजनीतिक गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य में दोबारा सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है।

बीजेपी नेता थोकचोम राधेश्याम सिंह ने बुधवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर 44 विधायकों के समर्थन का दावा किया और सरकार बनाने की मंशा जताई। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।

बीजेपी नेता ने क्या कहा?
राज्यपाल से मुलाकात के बाद राधेश्याम सिंह ने कहा, “लोगों की इच्छा के मुताबिक हमारे पास 44 विधायकों का समर्थन है, जो नई सरकार बनाना चाहते हैं। राज्यपाल को हमने इस बारे में सूचित किया है और इस मुद्दे के समाधान के संभावित रास्तों पर चर्चा की गई है। राज्यपाल ने मणिपुर की जनता के सर्वोत्तम हित में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।”

सरकार बनाने के दावे पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा।

एन. बीरेन सिंह की सक्रियता बढ़ी
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात की थी। उन्होंने राज्य में शांति बहाल करने, ग्वालटबी हिंसा (2 मई) और अन्य जातीय तनावों को लेकर चर्चा की। अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में सिंह ने लिखा, “राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें हालिया ग्वालटबी घटना से उपजे तनाव को दूर करने पर भी विचार किया गया।”

पृष्ठभूमि: क्यों लगा था राष्ट्रपति शासन?
बहुसंख्यक मैतेई समुदाय और कुकी जनजाति के बीच जारी हिंसा में हजारों लोगों की जानें गईं और हजारों लोग विस्थापित हुए। राज्य सरकार हिंसा रोकने में असफल रही, जिसके बाद 9 फरवरी, 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था।

अब देखना होगा कि क्या बीजेपी दोबारा सत्ता में वापसी कर पाएगी और मणिपुर में स्थिरता एवं शांति स्थापित कर पाएगी या फिर राज्य की राजनीतिक अस्थिरता आगे भी बनी रहेगी।

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