भाजपाई जनाधार में इजाफा कर रही है – सुनीता दुग्गल

  • रिपोर्ट- सीएम ग्रोवर

सिरसाछ  “संधर्ष से टकरा कर प्राप्त की गई सफलताएं स्वाभिमान पैदा करती है, अभिमान नहीं” यह पंक्तियां खरी उतरती है भाजपा की राष्ट्रीय नेत्री सुनीता दुग्गल पर और उन्हें उनके लोकसभा क्षेत्र सिरसा में संधर्ष दुग्गल के नाम से जाना जाता है, वैसे भी सुनीता दुग्गल का राजनीतिक सफर संधर्ष की राह पर चल रहा देखा जा सकता है। राजनीति में हार जीत तो चलती रहती है, मगर कुछ चेहरे जीत कर भी हार जाते हैं,कुछ हार कर भी जीत जाते हैं। हार कर भी जीत हासिल करने वाली सुनीता दुग्गल का लोकसभा क्षेत्र सिरसा से इस तरह नाता जुड़ गया है कि वह आमजन के दुख सुख में अपनी भागीदारी को नहीं भूलती। राष्ट्र तथा जनसेवा के उद्देश्य को लेकर इनकम टैक्स कमिश्नर का पद त्याग करने वाली सुनीता दुग्गल भाजपा को पूर्णतया समर्पित है और क्षेत्र में हिचकोले खा रहे भाजपाई संगठन को मजबूती देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। नौ विधानसभा क्षेत्रों वाले लोकसभा क्षेत्र सिरसा में सिर्फ एक पर ही भगवा फहरा रहा है। सुनीता दुग्गल की सोच, स्वस्थ और स्वच्छ राजनीति से प्रभावित होकर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त देकर सुनीता दुग्गल को तीन लाख बीस हजार वोट से विजयी बनाया था, मगर 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पैराशूट से भगवा कवच पहनाकर अशोक तंवर को चुनाव मैदान में उतारा, अशोक तंवर पहले भी दो बार इस क्षेत्र से चुनाव हार चुके हैं, तो मतदाताओं ने तंवर को सभी विधानसभा क्षेत्रों में पिछाड कर पौने तीन लाख वोट से हराया। पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने टिकट से वंचित रहने तथा विधानसभा क्षेत्र रतिया से अपनों की ही वजह से चुनाव हारने के बाद भी इस संसदीय क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखते हुए मतदाताओं को उनकी भूल का एहसास कराये की कवायद शुरू की हुई है। वर्तमान में लोकसभा क्षेत्र सिरसा को अपनी एक आंख मानकर चल रही सुनीता दुग्गल की कार्यशैली, लोकप्रियता और विशेष पहचान भाजपा के जनाधार में निरंतर इजाफा कर रही है, जबकि पैराशूट से भाजपा में शामिल हुए अशोक तंवर भाजपा को अलविदा कह कर दलबदल का छक्का जड़ गये है। तपती गर्मी हो या ठिठुरती ठंड सुनीता दुग्गल के राजनीतिक सफर में कभी बाधा नहीं बनी, क्योंकि यह भी सच है कि संधर्ष की राह पर अकेले चलने वाले भी इतिहास रच देते हैं मगर सुनीता दुग्गल तो एक लंबे कारवां को साथ लेकर चलने में न सिर्फ विश्वास रखती है, बल्कि सक्षम भी कही जा सकती है।

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