एचकेआरएन कर्मचारियों के साथ वादा खिलाफी कर रही भाजपा सरकार: कुमारी सैलजा
पहले कहा, कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा, अब निकालने में लगी सरकार
ऐलनाबाद: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) कर्मचारियों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नौकरी की सुरक्षा का वादा और अधिसूचना के जरिए दी गई जॉब गारंटी महज दिखावा साबित हुई। अब सरकार नए कर्मचारियों की भर्ती के नाम पर पहले से कार्यरत कर्मचारियों को हटा रही है।
सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप
कुमारी सैलजा ने कहा कि 19 नवंबर 2024 को भाजपा सरकार ने एचकेआरएन कर्मचारियों के लिए जॉब गारंटी विधेयक पारित किया था, जिसे भाजपा ने ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि इससे 1,20,000 युवाओं को सुरक्षित रोजगार मिलेगा। लेकिन अब स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। एचकेआरएन के तहत कार्यरत 28% अनुसूचित जाति और 32% पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है।
कर्मचारियों को हटाने का सिलसिला जारी
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार नए कर्मचारियों को जगह देने के लिए पहले से कार्यरत कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस के नौकरी से निकाल रही है। इस निर्णय से हजारों परिवार रोटी-कपड़े के संकट का सामना कर रहे हैं और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
कर्मचारियों की सुनवाई नहीं हो रही
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और विधायक कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। रोहतक, चरखी दादरी और नरवाना समेत कई जिलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार और अन्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया।
सरकार से वादा निभाने की मांग
कुमारी सैलजा ने मांग की कि सरकार अपने वादे पर कायम रहते हुए एचकेआरएन के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों को जॉब गारंटी अधिनियम के तहत सुरक्षित रोजगार प्रदान करे। उन्होंने सुझाव दिया कि खाली पदों पर नए कर्मचारियों को नियुक्त किया जाए, लेकिन मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी से खिलवाड़ न किया जाए।
कर्मचारी संगठनों में रोष
कर्मचारी संगठनों में सरकार की इस नीति के खिलाफ जबरदस्त रोष है। कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार न केवल वादा खिलाफी कर रही है, बल्कि युवाओं और उनके परिवारों को अनिश्चितता और परेशानियों में धकेल रही है।
