पटना, दरभंगा: अलीनगर से बीजेपी विधायक मिश्री लाल यादव को गुरुवार को दरभंगा जिले में वर्ष 2019 के एक मारपीट मामले में अदालत में पेशी के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। विशेष MP/MLA कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया।
इससे पहले अदालत ने विधायक यादव को जनवरी 2019 में उमेश मिश्रा नामक व्यक्ति के साथ मारपीट करने के आरोप में तीन महीने की सजा और ₹500 का जुर्माना सुनाया था। मिश्री लाल यादव ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी, लेकिन गुरुवार को जब वह अदालत में पेश हुए तो उन्हें 24 घंटे की न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।
विधायक यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की थी, और आज की सुनवाई के लिए अदालत में हाजिर हुआ था। अदालत ने मुझे 24 घंटे की हिरासत में भेजा है। मुझे अदालत के आदेश का पालन करना होगा।” हालांकि उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया।
गौरतलब है कि 23 फरवरी को विशेष न्यायाधीश करुणा निधि प्रसाद आर्य ने विधायक मिश्री लाल यादव और एक अन्य आरोपी सुरेश यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने दोनों को तीन महीने की सजा और ₹500 का जुर्माना सुनाया था।
यह मामला 29 जनवरी 2019 का है, जब समैला गांव निवासी उमेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि सुबह सैर के दौरान विधायक और उनके साथी ने उन पर हमला किया। अगली सुबह, 30 जनवरी को संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने 12 अक्टूबर 2019 को आरोपपत्र दाखिल किया और अदालत ने 17 अप्रैल 2020 को मामले की संज्ञान लिया।
इस घटनाक्रम से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है और विपक्ष ने इसे सत्तारूढ़ दल की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने का मौका बताया है।
