Bihar Assembly Election 2025: मोहनिया सीट से RJD उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन रद्द, यूपी की निवासी होने पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की मोहनिया सीट से उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन भारतीय चुनाव आयोग ने बुधवार (22 अक्टूबर) को रद्द कर दिया है।
चुनाव आयोग की जांच में यह सामने आया कि श्वेता सुमन उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की रहने वाली हैं, जबकि उन्होंने नामांकन के दौरान अपना पता बिहार का बताया था। आयोग को जब उनके पते को लेकर पर्याप्त सबूत नहीं मिले, तो विस्तृत जांच की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि श्वेता सुमन उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हैं। इसके बाद आयोग ने उनका नामांकन अमान्य घोषित कर दिया।
बीजेपी की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शिकायत के बाद की गई। बीजेपी ने आयोग से शिकायत में कहा था कि श्वेता सुमन वास्तव में बिहार की नहीं, बल्कि चंदौली जिले के सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं।
गौरतलब है कि मोहनिया विधानसभा सीट सालों से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित है और इस सीट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार का बिहार का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
पुराने दस्तावेजों ने किया पर्दाफाश
चुनाव आयोग की जांच में यह भी सामने आया कि श्वेता सुमन ने 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल अपने दस्तावेजों में भी चंदौली, उत्तर प्रदेश का ही पता दर्ज कराया था। इसी आधार पर आयोग ने इस बार उनका नामांकन खारिज कर दिया।
महागठबंधन की रणनीति पर असर
आरजेडी उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने से महागठबंधन की चुनावी रणनीति पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। मोहनिया सीट को लेकर पहले से ही राजनीतिक मुकाबला कड़ा था, ऐसे में अब आरजेडी को इस सीट पर नया उम्मीदवार तलाशना पड़ेगा।
चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, जबकि बीजेपी इसे अपने आरोपों की पुष्टि मानते हुए महागठबंधन पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा रही है।
