जयपुर से इस वक्त की बड़ी खबर: विद्याधर नगर में भारी भीड़ के कारण शिव महापुराण कथा समय से पहले की गई समाप्त, पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट
जयपुर: राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित शिव महापुराण कथा को भारी भीड़ और अव्यवस्था के चलते समय से पहले समाप्त करना पड़ा। आयोजकों द्वारा केवल 40,000 लोगों की अनुमति ली गई थी, लेकिन प्रतिदिन 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही थी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सड़क से लेकर स्टेडियम तक पैर रखने की जगह नहीं बची थी।
भीड़ बनी परेशानी का कारण, भगदड़ जैसे हालात
भीड़ को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी। विद्याधर नगर स्टेडियम और उसके आसपास दो दिनों से भगदड़ जैसे हालात बने हुए थे। बावजूद इसके आयोजकों द्वारा व्यवस्था पुख्ता नहीं की गई थी। इससे न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी हुई, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी खतरे में आ गई।
कथा के समापन की घोषणा खुद पंडित प्रदीप मिश्रा ने की
पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा प्रवाहित की जा रही शिव महापुराण कथा को 1 से 7 मई तक चलना था, लेकिन हालात बिगड़ते देख उन्होंने मंच से ही कथा समाप्त करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि भीड़ की वजह से किसी भी तरह की अनहोनी नहीं हो, इसी सोच के साथ यह निर्णय लिया गया है।
जयपुर पुलिस कमिश्नर की सजगता से टली बड़ी घटना
जयपुर कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने हालात की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत आयोजकों के साथ बैठक की और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अव्यवस्था और अनुमति से अधिक भीड़ जुटाने को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही समय रहते शिव महापुराण कथा को रोकने का निर्णय लिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
कमिश्नर ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और जन सुरक्षा के लिए समय पर कड़े फैसले जरूरी हैं। उन्होंने आयोजन स्थल की सुरक्षा में लगे अधिकारियों को चौकन्ना रहने के निर्देश भी दिए।
अब होगी जांच, आयोजकों से मांगा जाएगा जवाब
प्रशासन द्वारा आयोजकों से अब इस लापरवाही को लेकर जवाब तलब किया जाएगा। बिना समुचित व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के बावजूद इतने बड़े आयोजन की अनुमति पर भी सवाल उठे हैं। आगे इस तरह के आयोजनों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं।
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि आस्था जितनी ज़रूरी है, सुरक्षा उससे भी ज़्यादा। समय रहते लिया गया यह निर्णय एक संभावित त्रासदी को टालने में सहायक बना।
