रोगियों के प्रति असंवेदनशीलता पर बड़ी कार्रवाई, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए सख्त निर्देश
पांच डॉक्टर होंगे बर्खास्त, अन्य पर विभागीय शिकंजा
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी अब डॉक्टरों को भारी पड़ रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मरीजों के प्रति असंवेदनशीलता और लापरवाही के चलते पांच डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा को तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।
🔶 बछरावां सीएचसी की लापरवाही बनी बड़ी वजह
बछरावां सीएचसी में तैनात डॉक्टर – डॉ. नीलिमा आर्या, डॉ. अंजू वर्मा, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार और डॉ. अभिलाषा भारद्वाज पर लगातार लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार के आरोप पाए गए।
डिप्टी सीएम के आदेश पर इन पांचों डॉक्टरों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
🔶 सीएचसी अधीक्षक का तबादला, विभागीय कार्रवाई भी तय
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार को बछरावां से बलिया स्थानांतरित कर दिया गया है।
उनके विरुद्ध आरोप-पत्र जारी कर विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं।
डॉ. अनिल कुमार पर केंद्र में अव्यवस्था और कार्य में लापरवाही के गंभीर आरोप हैं।
🔶 बिना सूचना लंबे समय से गायब डॉक्टरों पर गिरी गाज
डॉ. इंद्रभूषण जायसवाल पर बिना सूचना लंबे समय से अनुपस्थित रहने के चलते विभागीय कार्रवाई की गई है।
डॉ. ऊषा चंद्रा (लोकबंधु अस्पताल, लखनऊ) के विरुद्ध भी इसी आधार पर जांच शुरू की गई है।
🔶 तैनाती स्थल पर जॉइन न करने पर दो डॉक्टर निलंबित
डॉ. संदीप कुमार (रेडियोलॉजिस्ट, पूर्व में गौरीगंज) को बलिया स्थानांतरण के बावजूद ज्वाइन न करने पर निलंबित किया गया।
डॉ. बृजेश यादव, जिन्हें 2021 में हरदोई जिला अस्पताल में तैनात किया गया था, अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया – उन्हें भी निलंबित किया गया है।
निलंबन के बाद डॉ. संदीप कुमार को आजमगढ़ मंडलीय कार्यालय, और डॉ. बृजेश यादव को लखनऊ मंडलीय कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
🔶 बलरामपुर मेमोरियल अस्पताल के CMS पर भी कार्रवाई
डॉ. शारदा रंजन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बलरामपुर मेमोरियल अस्पताल के विरुद्ध मरीजों की उपेक्षा और साफ-सफाई की अनदेखी पर आरोप-पत्र जारी कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में शिथिलता और रोगियों के प्रति लापरवाही पर सरकार सख्त रुख अपना रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देशों के बाद यह स्पष्ट संकेत है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
