भारत में बहुभाषी, नैतिक एआई की दिशा में बड़ा कदम भारतजेन : डॉ. जितेंद्र सिंह
‘भारतजेन’ – भारत का स्वदेशी एलएलएम, बहुभाषी एआई समाधान की नई क्रांति
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को ‘भारतजेन’ के शुभारंभ की घोषणा की, जो भारतीय भाषाओं के लिए स्वदेशी रूप से विकसित बड़ा भाषा मॉडल (Large Language Model – LLM) है। इसका उद्देश्य एक नैतिक, समावेशी और बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का निर्माण करना है जो भारत के मूल्यों और सांस्कृतिक विविधताओं को आत्मसात करती हो।
भारतजेन शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया लॉन्च
विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे भारत के सबसे बड़े जनरेटिव एआई और एलएलएम शिखर सम्मेलन एवं हैकाथॉन में लॉन्च किया। यह प्लेटफॉर्म पाठ, भाषण और छवि को एकीकृत करते हुए 22 भारतीय भाषाओं में एआई समाधान उपलब्ध कराएगा।
भारतीय मूल्यों पर आधारित समावेशी एआई
डॉ. सिंह ने बताया कि ‘भारतजेन’ एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य एक ऐसी एआई का निर्माण करना है जो भारतीय लोकाचार में गहराई से निहित हो। यह पहल स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, जहां एआई हर भारतीय की जरूरतों को समझते हुए समाधान प्रदान करेगा।
भारतजेन का उद्देश्य भाषाई और सांस्कृतिक समावेशन
भारतजेन का लक्ष्य है कि एआई विकास को भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप बनाया जाए। यह पहल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से संचालित हो रही है और इसमें अग्रणी शैक्षणिक संस्थान, विशेषज्ञ और नवाचारकर्ता शामिल हैं।
टेलीमेडिसिन में एआई का प्रभाव: स्थानीय भाषाओं में संवाद
डॉ. सिंह ने एआई-संचालित टेलीमेडिसिन सेवाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि एक AI डॉक्टर मरीज की मूल भाषा में संवाद करता है। इससे न केवल भरोसा बढ़ता है, बल्कि इसका मनोवैज्ञानिक ‘प्लेसबो प्रभाव’ भी होता है, जिससे दूरदराज़ के इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा संभव होती है।
प्रधानमंत्री के ‘टेककेड फॉर भारत’ दृष्टिकोण के अनुरूप पहल
डॉ. सिंह ने कहा कि भारतजेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “टेककेड फॉर भारत” दृष्टिकोण के अनुरूप है – जो नवाचार के साथ-साथ समावेशन को भी प्राथमिकता देता है। उन्होंने भारत की एआई प्रगति को वैश्विक मानक बताया और कहा कि CPGRAMS जैसे समाधान अब कई देशों द्वारा मॉडल के रूप में अपनाए जा रहे हैं।
भारतजेन को 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब्स के नेटवर्क से किया जा रहा लागू
यह पहल राष्ट्रीय अंतःविषयी साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन (NM-ICPS) के अंतर्गत 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIHs) के नेटवर्क के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है, जिनमें से चार को टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क (TTRP) में अपग्रेड किया गया है।
चार मजबूत स्तंभों पर आधारित है भारतजेन का मिशन
‘भारतजेन’ मिशन चार स्तंभों पर आधारित है:
- प्रौद्योगिकी विकास
- उद्यमिता
- मानव संसाधन विकास
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग
यह पहल न केवल भारत में स्वदेशी एआई तकनीक को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारतीय भाषाओं और मूल्यों को मजबूती से प्रस्तुत करेगी।
