
ज्योत्सना सक्सेना
गरीबी में जन्में
संघर्षों से नाता जोड़ा
कर्मठता के सूरज बनकर,
जग में नाम कमाया
आज़ादी के युद्ध में
गांधी जी के साथ निभाया
दिखलाया दृढ़ निश्चय
अडिग रहा था उनका मन
जब देश पर आई विपदा रखवाया था उपवास
गूंज उठा था देश में
जय जवान, जय किसान॥
सैनिक का शौर्य बढ़ाया कृषक को दी शक्ति नई
हर संकट में देश की
उन्होंने राह चुनी सही
शांति प्रिय थे
राष्ट्र-गौरव था सर्वोपरि
उनके कर्मों की गाथा
गूँजेगी युगों-युगों तक
भारत माँ के लाल बहादुर.. शत-शत तुझे प्रणाम
देशभक्ति और सादगी का अमर रहे सदा ये नाम॥
आज के दिन दो फूल खिले जिनसे महका हिंदुस्तान..
पूज्य बापू और शास्त्री जी को नमन
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– ज्योत्सना सक्सेना ( लेखिका एवं शिक्षाविद-जयपुर, राजस्थान)

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