नारायणपुर, 23 मई — छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुए भीषण मुठभेड़ में वामपंथी उग्रवादियों को बड़ा झटका लगा है। इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के महासचिव नाम्बाला केशव राव उर्फ बसवराजु समेत 27 कुख्यात नक्सली मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों पर कुल 3.33 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि मारे गए 27 नक्सलियों में 12 महिलाएं भी शामिल थीं। बसवराजु (70) पर अकेले छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 करोड़ का इनाम घोषित किया था। केंद्र सरकार और अन्य राज्यों को मिलाकर उस पर कुल करीब 10 करोड़ रुपये का इनाम था।
यह कार्रवाई अबूझमाड़ के घने जंगलों में नारायणपुर और बीजापुर जिले की सीमा पर की गई। मुठभेड़ से पहले सुरक्षा बलों ने 18 मई से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसके बाद 22 मई को यह मुठभेड़ हुई। इस अभियान में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव जिलों की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) की टीमें शामिल थीं।
इस मुठभेड़ में दो जवानों ने भी शहादत दी।
कुख्यात नक्सली भी मारे गए:
इस ऑपरेशन में मारे गए अन्य बड़े नक्सलियों में दंडकारण्य विशेष जोनल कमेटी का सदस्य जांगु नवीन (25 लाख का इनामी) और चार कंपनी पार्टी कमेटी सदस्य संगीता (35), भूमिका (35), सोमली (30) और रोशन उर्फ टिपू (35) शामिल हैं, जिन पर 10-10 लाख का इनाम था।
इसके अलावा तीन प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य और पीएलजीए (People’s Liberation Guerrilla Army) की कंपनी नंबर 7 के 18 सदस्य मारे गए, जिन पर 8-8 लाख का इनाम था।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से संबंध:
मारे गए नक्सलियों में तीन का संबंध तेलंगाना और दो का आंध्र प्रदेश से है।
बसवराजु आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जियन्नापेटा गांव का निवासी था। वह इंजीनियरिंग स्नातक था और 1970 के दशक में नक्सल आंदोलन से जुड़ा था।
सुरक्षा बलों ने बरामद किए भारी हथियार:
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने 3 AK-47, 4 SLR, 6 इंसास राइफल, 1 कार्बाइन, 6 .303 राइफल, 1 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 2 रॉकेट लॉन्चर, 2 देशी बंदूकें, 1 पिस्टल और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था बसवराजु:
बसवराजु 2004 के कोरापुट आर्मरी लूट (50 करोड़ का नुकसान), 2005 के बिहार के जहानाबाद जेल ब्रेक (389 कैदी फरार), 2010 दंतेवाड़ा हमला (76 CRPF जवान शहीद), 2013 झीरम घाटी हमला (27 लोग मारे गए, जिनमें कई कांग्रेस नेता शामिल थे) और 2018 में एक विधायक की हत्या जैसे बड़े नक्सली हमलों में शामिल था।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि बसवराजु की मौत से नक्सली संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है और यह वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता है।
इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
