बारां का PWD इंजीनियर अजय सिंह निकला करोड़पति
एसीबी के ट्रैप में फंसे अभियंता के पास मिली बेहिसाब संपत्ति
कोटा / बारां, 29 अप्रैल। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अभियंता अजय सिंह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के शिकंजे में आ चुके हैं। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए इस अभियंता के पास जब एसीबी ने छापेमारी की, तो एक-एक कर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। जांच में पता चला कि अजय सिंह के पास ढाई करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जो उसकी घोषित आय से कहीं अधिक है।
बजरंग नगर में आलीशान मकान और चंद्रसेल में योजना से जुड़े दस्तावेज बरामद
अभियंता अजय सिंह का मुख्य निवास स्थान कोटा के बजरंग नगर स्थित गोपाल विहार में है, जहां एसीबी की दो टीमों ने एक साथ दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से 40 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट, दो लाख रुपये नकद, और तीन भूखंडों के दस्तावेज जब्त किए गए।
इसके अतिरिक्त, ACB को यह भी जानकारी मिली है कि हाल ही में KDA (कोटा विकास प्राधिकरण) द्वारा शुरू की गई चंद्रसेल योजना में भी अभियंता की रुचि रही है, जिससे इस योजना में निवेश को लेकर भी संदेह गहरा गया है।
सूटकेस में छिपा रखे थे पचास हजार रुपये, चार पहिया वाहनों का भी मालिक
रिश्वत के मामले में ट्रैप के दौरान ACB अधिकारियों को अजय सिंह के सूटकेस में 50,000 रुपये नकद मिले। यह खुलासा अभियंता की काली कमाई के तौर-तरीकों की ओर इशारा करता है। वहीं, वह दो चार पहिया वाहनों का मालिक भी है, जिनकी खरीद और रख-रखाव की प्रक्रिया की भी अब जांच की जा रही है।
एसीबी अब बैंक खातों और लॉकरों की जांच में जुटी
ACB अधिकारी अब अजय सिंह के बैंक खातों, लॉकरों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि यह पता लगाया जा सके कि अभियंता ने भ्रष्टाचार के माध्यम से कितनी और संपत्ति अर्जित की है, और वह किन-किन स्रोतों से रिश्वत लेता रहा है।
भ्रष्टाचार पर एसीबी की कड़ी निगरानी
इस मामले से स्पष्ट होता है कि एसीबी राज्यभर में भ्रष्टाचारियों पर निगरानी रखने के लिए सतर्क और सक्रिय है। आम नागरिकों को भी यह जानना आवश्यक है कि यदि उन्हें किसी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो वे तुरंत ACB की हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं।
