आयुष्मान योजना: जानें, कैसे लें इसका लाभ और क्या करें अगर अस्पताल मना करें

आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) को दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम माना जा रहा है। यह योजना देश के सबसे गरीब 40% लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करती है। केंद्रीय सरकार ने नेशनल हेल्थ पॉलिसी (National Health Policy) के तहत 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी। हालांकि, कई बार ऐसा देखा गया है कि कुछ अस्पताल जो आयुष्मान पैनल में शामिल होते हैं, वे मरीजों का इलाज आयुष्मान कार्ड पर करने से मना कर देते हैं। अगर ऐसा होता है, तो आप उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने इसके लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था तैयार की है।

कौन ले सकता है इस योजना का फायदा?
आयुष्मान योजना का लाभ उन लोगों को मिल सकता है जो निम्नलिखित श्रेणियों में आते हैं:

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग

अनुसूचित जाति या जनजाति और आदिवासी समुदाय के लोग

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग

दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग

गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोग

दिव्यांग व्यक्ति

कौन नहीं उठा सकते इस योजना का फायदा?
आयुष्मान योजना से बाहर वे लोग हैं जो निम्नलिखित श्रेणियों में आते हैं:

संगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग

जिनके पास पक्का मकान और गाड़ी है

ऐसे कर्मचारी जिनका हर महीने PF कटता हो

सरकारी कर्मचारी

इनकम टैक्स देने वाले लोग

ESIC के सदस्य

कहां मिलता है इलाज?
आयुष्मान योजना के तहत देशभर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज किया जा सकता है। अगर मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, तो 10 दिन पहले और बाद के खर्च का भी इस योजना में कवर किया जाता है।

कौन सी बीमारियां होती हैं कवर?
आयुष्मान योजना में पुरानी बीमारियां भी कवर होती हैं। इसमें ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च, सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन और इलाज जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करें तो?
अगर आयुष्मान पैनल में शामिल कोई अस्पताल आपको आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से मना करता है, तो आप उसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आप निम्नलिखित तरीकों से शिकायत कर सकते हैं:

टोल-फ्री नंबर पर करें शिकायत:
आयुष्मान भारत योजना से संबंधित शिकायत दर्ज करने के लिए आप ऑनलाइन पोर्टल grievance.abdm.gov.in पर जा सकते हैं। आप टोल-फ्री नंबर 14555 या 1800111565 पर कॉल भी कर सकते हैं।

DGNO में करें कंप्लेन:
आप अपनी शिकायत जिला शिकायत नोडल अधिकारी (DGNO) से भी कर सकते हैं। आपको अस्पताल के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी, जहां आपको इलाज से मना किया गया है।

ऑनलाइन कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड?
आयुष्मान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmjay.gov.in/ पर जाएं।

‘Am I Eligible’ ऑप्शन पर क्लिक करें।

अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें।

आपके मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें।

अपना राज्य और आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर डालकर अपनी पात्रता चेक करें।

अगर आप एलिजिबल हैं, तो आगे की प्रक्रिया पूरी करके आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।

इसके बाद, आपको अपना आधार कार्ड या राशन कार्ड को PMJAY कियोस्क पर वेरीफाई करवाना होगा।

इसके बाद फैमिली सर्टिफिकेट पेश करना होगा और पूरी डिटेल भरनी होगी।

अब आप AB-PMJAY आईडी के साथ अपना ई-कार्ड प्रिंट करवा सकते हैं।

ऑफलाइन भी चेक कर सकते हैं एलिजिबिलिटी
आप नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत, आशा कार्यकर्ता या अस्पताल में मौजूद आयुष्मान मित्र से भी अपनी एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं। एलिजिबल होने पर, वहीं के स्टाफ आपका कार्ड बनवा देंगे।

आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है, जो समाज के सबसे गरीब तबके को गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा प्रदान करती है। हालांकि, इस योजना का सही तरीके से लाभ उठाने के लिए सरकार ने शिकायत निवारण की एक मजबूत व्यवस्था भी बनाई है। यदि किसी अस्पताल से इलाज में कोई समस्या होती है, तो आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं और जल्दी ही समाधान पा सकते हैं।

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