साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान आयोजित, निवेश व आनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील 

साइबर फ्रॉड सेे बचाव के लिए हेल्पलाइन 1930 पर करें कॉल

रामपुर। जिलाधिकारी जोगिन्दर सिंह एवं पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साइबर जागरूकता अभियान से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई।  इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि कम समय में बेहतर रिटर्न का वादा करने वाली योजनाओं पर भरोसा न करें और निवेश केवल सेबी पंजीकृत अथवा अधिकृत मध्यस्थ के माध्यम से ही करें। उन्होंने कहा कि अनजान मेल, व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर प्राप्त फर्जी लिंक एवं वेबसाइटों पर निजी जानकारी साझा करना खतरनाक है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि बिजली बिल जमा करने अथवा पावर कट से संबंधित संदिग्ध कॉल एवं संदेशों से सतर्क रहें और किसी भी ऐप को अज्ञात व्यक्ति के कहने पर इंस्टॉल न करें। सरकारी योजना या नौकरी के नाम पर आने वाले कॉल या संदेश की सत्यता संबंधित कार्यालय से अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से मांगी जाने वाली धनराशि का भुगतान करने से पूर्व वास्तविक व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पुष्टि करना अवश्य कर लें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते है।

रामपुर। जिलाधिकारी जोगिन्दर सिंह एवं पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि कुछ ग्राम प्रधानों द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं दिया जा रहा है जिसपर जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि यदि ग्राम प्रधान टीकाकरण में सहयोग न करें तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर टीकाकरण कार्य को सफल बनाया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि टीकाकरण के प्रति हिचकिचाने वाले परिवारों को स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा समझा-बुझाकर जागरूक किया जाए और उन्हें टीकाकरण हेतु प्रेरित किया जाए। बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि मलिन बस्तियों एवं आसपास के क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के साथ-साथ उचित खानपान की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। सीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निजी अस्पतालों द्वारा सीआरएस आईडी का संचालन न किए जाने पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि निजी अस्पतालों के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करें।
जिलाधिकारी ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए नगर पालिका एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि मलेरिया और डेंगू, लार्वा जैसी बीमारियों से बचाव के लिए गांवों और नगरों में नियमित रूप से फॉगिंग, छिड़काव तथा नालियों की साफ-सफाई की जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

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