हनुमान चालीसा का पाठ करते समय इन गलतियों से बचें, वरना कम हो सकता है पूजा का फल

नई दिल्ली: हनुमान चालीसा का पाठ हिंदू धर्म में आस्था और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसके नियमित और सही पाठ से संकटों का निवारण होता है और मन को शांति मिलती है। लेकिन कई बार लोग जाने-अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता।

गलत उच्चारण से बचें
हनुमान चालीसा के प्रत्येक शब्द का सही उच्चारण करना बेहद जरूरी है। गलत उच्चारण से मंत्र का प्रभाव कम हो जाता है, इसलिए पाठ से पहले शब्दों का सही उच्चारण सीखना चाहिए।

स्वच्छता का ध्यान रखें
पाठ शुरू करने से पहले शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्ध होना आवश्यक है। बिना स्नान किए या नकारात्मक भाव मन में रखते हुए पाठ करना अशुभ माना जाता है।

जल्दबाजी न करें
हनुमान चालीसा का पाठ शांत मन, सही लय और ध्यानपूर्वक करना चाहिए। जल्दबाजी में पढ़ने से इसका अर्थ और प्रभाव दोनों घट जाते हैं।

अधूरा पाठ न करें
हनुमान चालीसा में कुल 40 चौपाइयां और दोहे हैं, जिन्हें पूर्ण रूप से पढ़ना जरूरी है। कुछ चौपाइयां छोड़ देने से पूजा अधूरी रह जाती है।

बीच में रुकावट न डालें
पाठ के दौरान उठना या किसी से बात करना एकाग्रता भंग करता है, जिससे पूजा का फल प्रभावित होता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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