नई दिल्ली: सेब का सिरका ((Apple Cider Vinegar)) कोई नई चीज़ नहीं है, लेकिन आजकल यह फिर से चर्चा में है—इंस्टाग्राम, यूट्यूब और हर वेलनेस ब्लॉग पर इसकी खूब बात हो रही है। फर्मेंटेड सेब के रस से बना यह खट्टा सिरका सिर्फ सलाद में स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसे वजन घटाने से लेकर त्वचा की चमक तक में मददगार बताया जाता है। लेकिन इसे सीधे बोतल से पीने से पहले इसके वास्तविक फायदे और संभावित नुकसान जानना बेहद ज़रूरी है।
कैसे बनता है सेब का सिरका?
सेब का सिरका दो चरणों वाली फर्मेंटेशन प्रक्रिया से बनता है। पहले, कुचले हुए सेब में यीस्ट मिलाकर शुगर को अल्कोहल में बदला जाता है। फिर उसमें बैक्टीरिया मिलाए जाते हैं, जो अल्कोहल को एसिटिक एसिड में बदल देते हैं—यही सिरके की तीखी गंध और स्वाद का कारण होता है। इसमें पोटैशियम, अमीनो एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और “मदर” नामक तत्व होता है—एक धुंधली, तंतुनुमा चीज़ जो एंजाइम्स और अच्छे बैक्टीरिया से भरपूर होती है।
ब्लड शुगर को संतुलित करने में मददगार
ACV का सबसे चर्चित फायदा है ब्लड शुगर लेवल को कम करना। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में मदद करता है, खासकर हाई-कार्ब डाइट के बाद ब्लड शुगर स्पाइक को कम करने में। टाइप-2 डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वालों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है। लेकिन अगर आप पहले से दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
पाचन में दे सकता है राहत
अगर खाने के बाद गैस या भारीपन महसूस होता है, तो एक चम्मच ACV गर्म पानी में मिलाकर भोजन से पहले लेने की सलाह दी जाती है। यह पेट के एसिड का उत्पादन बढ़ाकर पाचन सुधारने में मदद करता है। हालांकि, अगर आपको अल्सर, एसिड रिफ्लक्स या संवेदनशील पेट की समस्या है, तो यह उल्टा असर भी कर सकता है।
त्वचा को दे सकता है निखार
ACV में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण इसे एक लोकप्रिय नेचुरल स्किन ट्रीटमेंट बनाते हैं। कुछ लोग इसे टोनर की तरह (पानी में घोलकर) मुहांसों और रोमछिद्रों के इलाज में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ध्यान रहे—इसे कभी भी सीधे त्वचा पर न लगाएं, वरना जलन और सूखापन हो सकता है। पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें।
सांस को ताज़ा और दांतों को सफेद बना सकता है
ACV के एंटीबैक्टीरियल गुण बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारते हैं, जिससे यह नेचुरल माउथवॉश के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसे दांतों के दाग हटाने के लिए भी अपनाते हैं। लेकिन सीधे मुंह में घोलना दांतों की इनेमल पर तेज़ाब का असर डाल सकता है। हमेशा पानी में मिलाकर ही इस्तेमाल करें।
कोलेस्ट्रॉल और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद—लेकिन सीमित प्रमाण
शोध बताते हैं कि ACV कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है। यह LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को ऑक्सीडाइज होने से रोकने में सहायक हो सकता है। हालांकि, अधिकतर अध्ययन जानवरों पर किए गए हैं, और इंसानों पर पुख्ता प्रमाण अभी कम हैं।
पोटैशियम स्तर को कर सकता है प्रभावित
ज्यादा मात्रा में ACV का सेवन शरीर में पोटैशियम की कमी (Hypokalemia) का कारण बन सकता है, जिससे मांसपेशियों और नसों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। किडनी रोगियों या डाययूरेटिक्स लेने वालों के लिए यह विशेष रूप से जोखिम भरा हो सकता है।
दवाओं के साथ कर सकता है प्रतिक्रिया
ACV कुछ दवाओं जैसे डाययूरेटिक्स, इंसुलिन और हार्ट मेडिकेशन के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है। यह उनके असर को बढ़ा सकता है या अनचाहे साइड इफेक्ट्स ला सकता है। अगर आप नियमित दवा लेते हैं, तो ACV को नियमित सेवन में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।
कितना सेवन है सुरक्षित?
अगर आप ACV लेना चाहते हैं, तो धीरे-धीरे शुरू करें—एक चम्मच से एक बड़ा चम्मच तक, वो भी एक गिलास पानी में मिलाकर, दिन में एक या दो बार। कभी भी इसे सीधा न पिएं।
रात को सोने से ठीक पहले सेवन न करें—वरना एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है।
चमत्कार नहीं, एक सहायक उपाय है ACV
सेब का सिरका कोई जादुई औषधि नहीं, लेकिन इसे एक स्वस्थ जीवनशैली के हिस्से के रूप में अपनाया जाए तो इसके कई फायदे मिल सकते हैं। पर ध्यान रहे—संतुलन और सावधानी ही सबसे ज़रूरी है।
