Amritsar Breaking: अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के 3 जूनियर डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव, JN.1 वेरिएंट की पुष्टि

JN.1 वेरिएंट के सामान्य लक्षण:

अमृतसर, 17 जून — अमृतसर में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट JN.1 दस्तक दे चुका है। सरकारी मेडिकल कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिससे जिले में इस वेरिएंट के कुल 6 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने बताया कि तीनों डॉक्टर होम आइसोलेशन में हैं और उनकी हालत बिल्कुल सामान्य है।

इससे पहले जिन तीन लोगों में संक्रमण मिला था, उनमें एक गर्भवती महिला, एक महिला मेडिकल टेक्नीशियन, और एक अन्य महिला शामिल थी। ये सभी भी होम आइसोलेशन में रहकर उपचार ले रही हैं।

डॉ. कौर ने बताया कि JN.1 वेरिएंट के लक्षण हल्के होते हैं, और अधिकतर मरीज 2 से 3 दिन में खुद ही ठीक हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है।

 सिविल सर्जन ने दिए अहम निर्देश:
भीड़भाड़ वाली जगहों में मास्क पहनें।

खांसी, बुखार, जुकाम या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हाथों को साबुन से बार-बार धोएं।

उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना जांच के लिए दो प्रकार के टेस्ट उपलब्ध हैं — RT-PCR और रैपिड एंटीजन टेस्ट। RT-PCR जांच के लिए जरूरी VTM किट अमृतसर के सिविल हॉस्पिटल और बाबा बकाला में उपलब्ध है।

JN.1 वेरिएंट क्या है?
JN.1 कोविड-19 वायरस का एक नया सब-वेरिएंट है, जो ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़ा हुआ है।

यह वेरिएंट तेजी से फैलता है, लेकिन अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह आमतौर पर माइल्ड (हल्के) लक्षण ही पैदा करता है।

इसके लक्षण सामान्य कोविड जैसे ही हैं:

खांसी

बुखार

गले में खराश

थकान

शरीर दर्द

कभी-कभी सूंघने या स्वाद की शक्ति में कमी

 कोविड से बचाव के उपाय:
मास्क पहनें: खासकर बंद या भीड़भाड़ वाली जगहों पर।

हाथ धोना: साबुन और पानी या सैनिटाइज़र से नियमित रूप से।

भीड़ से दूरी रखें: सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

सावधानी से खांसी/छींके: मुंह पर रुमाल या कोहनी से ढकें।

लक्षण होने पर टेस्ट करवाएं: और डॉक्टर से संपर्क करें।

टीकाकरण: समय पर बूस्टर डोज़ लगवाएं।

JN.1 वेरिएंट के सामान्य लक्षण:
JN.1 वेरिएंट, ओमिक्रॉन का ही उप-प्रकार है, इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं:

बुखार (हल्का या कभी-कभी तेज़)

सूखी खांसी या बलगम वाली खांसी

गले में खराश या जलन

नाक बहना या बंद रहना

सिरदर्द या बदन दर्द

थकान या कमजोरी

हल्का सांस लेने में कष्ट (अधिकतर बुज़ुर्गों में)

स्वाद या गंध का कम होना (कम मामलों में)

 घरेलू देखभाल के उपाय:
✅ आराम करें: शरीर को पूरा आराम दें, बहुत ज़्यादा काम या तनाव से बचें।
✅ हाइड्रेटेड रहें: खूब पानी, नींबू पानी, नारियल पानी पिएं।
✅ संतुलित आहार लें: हल्का, पौष्टिक और गर्म भोजन लें जैसे खिचड़ी, दलिया, सूप।
✅ भाप लें: गले और नाक के संक्रमण के लिए दिन में 1-2 बार भाप लें।
✅ मास्क पहनें और आइसोलेट रहें: परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाए रखें।
✅ ओवर-द-काउंटर दवाएं: जैसे पेरासिटामोल बुखार और दर्द के लिए (डॉक्टर की सलाह से)।
✅ ऑक्सीजन मॉनिटर करें: अगर संभव हो तो पल्स ऑक्सीमीटर से SpO2 की निगरानी करें।
✅ डॉक्टर से परामर्श: अगर बुखार 3 दिन से ज़्यादा रहे या सांस लेने में दिक्कत हो।

 

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